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Delhi दिल्ली: देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में चढ़ावे की सुरक्षा, चोरी, और नकदी की गिनती को लेकर उठते सवालों के बीच श्री माता वैष्णो देवी मंदिर प्रबंधन ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) अब नकद चढ़ावे की पारंपरिक मैनुअल गिनती की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर इसे पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर आधारित बनाने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा के अनुसार, अगले लगभग 15 दिनों के भीतर मंदिर में नकद चढ़ावे की हाथों से होने वाली गिनती बंद कर दी जाएगी। मंदिर की नई और आधुनिक व्यवस्था के तहत भवन और मुख्य परिसर में अत्याधुनिक कैश रीसाइक्लर मशीनें (CRM) स्थापित की जा रही हैं। श्राइन बोर्ड द्वारा फिलहाल दो मशीनें मंदिर परिसर में सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी हैं।
शेष बची मशीनों को भी बहुत जल्द नेटवर्क और मुख्य सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। इन मशीनों के लगने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई नकदी की गिनती, छंटनी, और डिजिटल रिकॉर्डिंग सीधे मशीनों के माध्यम से होगी। अब तक माता वैष्णो देवी भवन में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले नकद चढ़ावे की गिनती के लिए श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी प्रक्रिया चलती थी। नया सिस्टम पूरी तरह से लागू होने के बाद नोटों की गिनती शत-प्रतिशत स्वचालित होगी। बोर्ड के कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों की गिनती की प्रक्रिया में कोई सीधी भूमिका नहीं रहेगी। इससे चढ़ावे की गिनती न केवल कई गुना तेज होगी, बल्कि पूरी प्रणाली अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, और त्रुटिहीन बन जाएगी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जानकारी दी कि मैनुअल गिनती खत्म करने और मशीनों के इस्तेमाल का सुझाव श्राइन बोर्ड की एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बोर्ड के एक सदस्य ने दिया था। बोर्ड ने इस दूरदर्शी प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया और चढ़ावे के प्रबंधन को शत-प्रतिशत पारदर्शी बनाने के लिए इसे लागू करने पर सहमति जताई। इससे पहले जुलाई में हुई बोर्ड बैठक में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान के संग्रह, गिनती, लेखांकन, भंडारण, और उसके सही उपयोग की समीक्षा की गई थी। अब श्राइन बोर्ड उसी समीक्षा के आधार पर इस टेक-संचालित व्यवस्था को धरातल पर उतार रहा है।
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