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Hajipur. हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपूर्ति से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार, 29 अक्टूबर की देर रात शुरू हुए ऑपरेशन में एनआईए की टीम ने एक अधिवक्ता को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों की कथित तस्करी, खरीद और सप्लाई से जुड़े मामले में की गई है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के एसडीओ रोड निवासी संदीप कुमार सिंह उर्फ छोटू लाल के रूप में हुई है। वह कथित तौर पर पटना उच्च न्यायालय में वकालत करता है। नगर थाने के प्रभारी ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक, एनआईए की टीम पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी क्रम में संदीप कुमार सिंह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद एजेंसी ने हाजीपुर में विशेष ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात करीब एक बजे जौहरी बाजार स्थित मुख्य सड़क पर एजेंसी की टीम ने घेराबंदी कर अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, संदीप कुमार सिंह कथित तौर पर हाजीपुर से बाहर जाने के लिए एक वाहन का इंतजार कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसे संभावित गिरफ्तारी की आशंका थी और वह देर रात अपने आवास से निकल गया था। इसी दौरान पहले से निगरानी कर रही एनआईए की टीम ने उसे रोककर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसके वहां पहुंचने और शहर छोड़ने की मंशा को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने मौके से एक कार भी जब्त की। बाद में वाहन को स्थानीय नगर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। देर रात जौहरी बाजार में हुई इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हलचल मच गई। गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ता की गिरफ्तारी एनआईए के केस संख्या आरसी 11/2024/NIA/DLI से संबंधित है। इस मामले में एके-47 समेत अन्य अवैध हथियारों की कथित तस्करी, खरीद और आपूर्ति की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से प्राप्त किए जाते थे और किन व्यक्तियों तक उनकी सप्लाई पहुंचाई जाती थी।
गिरफ्तार अधिवक्ता का नाम इससे पहले भी इसी मामले की जांच में सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईए ने पहले उसके एसडीओ रोड स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान कथित तौर पर एक अवैध नौ एमएम पिस्तौल बरामद हुई थी। इसके बाद से जांच एजेंसी उसकी गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एनआईए ने वर्ष 2024 और 2025 में भी इस मामले से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। अक्टूबर 2025 में हुई कार्रवाई के दौरान हथियार और अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई थी। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में बरामद वस्तुओं और आरोपी के नाम के विवरण में कुछ अंतर है।
एनआईए की जांच का प्रमुख उद्देश्य कथित हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों की पहचान करना और उनकी भूमिकाओं को स्पष्ट करना है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अत्याधुनिक हथियारों की खरीद और सप्लाई में किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और इस गतिविधि में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। गिरफ्तारी के बाद अधिवक्ता को जांच एजेंसी अपने साथ ले गई है। उससे मामले से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की अगली दिशा तय की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद हाजीपुर में अवैध हथियारों की कथित तस्करी से जुड़ा मामला चर्चा में आ गया है। विशेष रूप से एक अधिवक्ता की गिरफ्तारी ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, गिरफ्तारी का अर्थ आरोपों का सिद्ध होना नहीं है। आरोपी की कथित संलिप्तता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। फिलहाल एनआईए हथियारों की कथित आपूर्ति श्रृंखला, संदिग्ध संपर्कों और मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी की विस्तृत आधिकारिक जानकारी आने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
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