पशु कुर्बानी पर लगी रोक के खिलाफ महुआ मोइत्रा पहुंचीं हाईकोर्ट

बंगाल। बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल में कुर्बानी का मुद्दा गरमाता जा रहा है. एक तरफ सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के तहत कुर्बानी करने के लिए सार्वजनिक नोटिस किया है तो विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने इसे कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है. वहीं आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने ऐलान कर दिया है कि कोई सरकार मुसलमानों को कुर्बानी से रोक नहीं सकती है. हुमायूं कबीर ने तो सीएम सुवेंदु को चुनौती भरे लहजे में कहा है कि इस्लाम में गाय और ऊंट की कुर्बानी दी जाएगी.
कुर्बानी पर रोक हटाने के लिए हाई कोर्ट पहुंची टीएमसी
कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से बकरीद से पहले बंगाल सरकार के पशु वध पर प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट से बाहर निकलीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘हमने आज अपनी पार्टी के विधायक अखरुज्जमां के जरिए एक याचिका दायर की. इस पर बहुत विस्तार से सुनवाई हुई, जो तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चली. सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई.
महुआ मोइत्रा ने कहा कि 1950 का अधिनियम पशु वध नियंत्रण कानून है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़े पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. जैसा कि 1950 के दशक में हालात थे. ताकि पशुपालन और दूध उत्पादन पर कोई बुरा असर न पड़े. इसके अलावा यह कानून केवल नगरपालिका क्षेत्रों तक ही सीमित था.





