भारत
महाराष्ट्र का भिड़ेवाड़ा: 1848 में भारत का पहला गर्ल्स स्कूल बना था, राष्ट्रीय स्मारक होगा
jantaserishta.com
1 March 2023 9:03 AM IST

x
मुंबई (आईएएनएस)| महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि वह पुणे के भिड़ेवाड़ा को राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां महान सावित्रीबाई फुले ने 175 साल पहले भारत के पहले गर्ल्स स्कूल की स्थापना की थी, उन्होंने कहा इसके लिए लंबित कानूनी मुद्दों और किरायेदारों के बकाया को हल करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सावित्रीबाई फुले द्वारा 1 जनवरी, 1848 को जहां लड़कियों की शिक्षा की शुरूआत एक छोटे से तरीके से की गई थी, उस ऐतिहासिक स्थान को हासिल करने के लिए सरकार कितनी भी राशि खर्च करने को तैयार है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक छगन भुजबल और चेतन वी. तुपे के भिड़ेवाड़ा और काश्तकारों पर स्थिति स्पष्ट करने ते सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग को निर्देश जारी कर दिया है कि किराएदारों का लगभग 10 करोड़ रुपये का बकाया तत्काल निपटाया जाए। चूंकि मामला अदालत में लंबित है, बकाया चुकाए जाने के बाद, 10 मार्च को अगली सुनवाई में मामला सुलझाया जा सकता है और कब्जा राज्य सरकार के पास आ सकता है।
150 साल से अधिक पुरानी भिड़ेवाड़ा इमारत को विरासत का दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर तुपे की चिंता पर उद्योग मंत्री उदय सामंत ने जवाब दिया कि इसे विरासत सूची में शामिल नहीं किया जा सकता है, इसलिए सरकार बाद में किरायेदारों का भुगतान करेगी, कब्जा लेगी और उस पर राष्ट्रीय स्मारक से संबंधित अन्य सभी कार्य करेगी।
भिड़ेवाड़ा को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग कई दशकों से विभिन्न राजनेताओं, पार्टियों और यहां तक कि सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है, लेकिन मामला किरायेदारों और पुणे नगर निगम (पीएमसी) के बीच कानूनी पेंच में फंस गया था। राज्य सरकार द्वारा बाजार मूल्य के अनुसार किरायेदारों के बकाए का भुगतान करने पर सहमति के साथ, विवाद की जड़ को सुलझाया जाएगा, जिससे वहां राष्ट्रीय स्मारक का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिष्ठित महात्मा ज्योतिराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई ने 1848 में पुणे के भिडेवाड़ा में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल शुरू किया, जिसने इतिहास रचा। सावित्रीबाई उस स्कूल में देश की पहली महिला शिक्षिका बनीं, उस मामूली लेकिन युगीन पहल की सफलता के बाद पुणे में उन्होंने अपनी दोस्त फातिमा बेगम शेख की मदद से दो और बालिका विद्यालय खोले, फातिमा ने 1849 में भारत की पहली महिला मुस्लिम शिक्षिका बनने के लिए यहां पढ़ाया।
पिछले कुछ वर्षों से फुले दंपत्ति को भारत रत्न देने की मांग की जा रही थी और राज्य सरकार ने 2018 में इस पर केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।
Tagsमहाराष्ट्र सरकारमहाराष्ट्रमहाराष्ट्र न्यूज़भिड़ेवाड़ापहला गर्ल्स स्कूलराष्ट्रीय स्मारकGovernment of MaharashtraMaharashtraMaharashtra NewsBhidewadaFirst Girls SchoolNational Memorial
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





