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बढ़ते कोरोना मरीजों में महाराष्ट्र टॉप पर, स्वास्थ्य मंत्रालय चिंतित

Nilmani Pal
18 Jun 2022 9:44 AM GMT
बढ़ते कोरोना मरीजों में महाराष्ट्र टॉप पर, स्वास्थ्य मंत्रालय चिंतित
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मुंबई। देश में कोरोना के मामले (Corona Cases In India) रफ्तार पकड़ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 13,216 केस दर्ज किए गए हैं. आठ दिन में ही नए मामलों की संख्या तीन हजार से बढ़कर 13 हजार के आंकड़े को पार कर गई है. बढ़ते केसज की वजह से एक्टिव मामलों (Corona Active Cases) में भी लगातार इजाफा हो रहा है. एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हजार के पाक पहुंच गई है. इस बीच देश के पांच राज्यों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट (Corona Positivity rate) आठ प्रतिशत के पार पहुंच गई है. सबसे अधिक पॉजिटिविटी रेट केरल में है. वहीं, एक्टिव मरीजों के मामले में महाराष्ट्र टॉप पर है. दिल्ली में भी नए मामले और संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में पॉजिटिविटी रेट 14.78 है. इसके बाद दूसरा गोवा का है. गोवा में संक्रमण दर 11.04 प्रतिशत हो चुकी है. इसके बाद मिजोरम में 10.63, महाराष्ट्र में 9.36 और दिल्ली में 8.18 दर्ज की गई है. दिल्ली में पिछले एक सप्ताह में ही संक्रमण दर करीब पांच प्रतिशत बढ़ गई है. गोवा और मिजोरम में भी ये दर बढ़ रही है, हालांकि केरल में पॉजिटिविटी रेट में कुछ कमी दर्ज की गई है. एक्टिव मरीजों की बात करें तो महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 21,749 एक्टिव मामले हैं. दूसरे स्थान पर केरल में 20338 मरीज सक्रिय हैं. दिल्ली में एक्टिव मरीज का आंकड़ा 4843 हो गया है. इन राज्यों में केस भले ही तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अधिकतर संक्रमितों में कोरोना के हल्के लक्षण मिल रहे हैं और हॉस्पिटलाइजेशन या मौत के आकड़ों में कोई इजाफा नहीं हुआ है.

दिल्ली के लोकनायक हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार ने Tv9 से बातचीत में बताया कि राजधानी में केस भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है. उनके अस्पताल में कोरोना के केवल तीन मरीज ही भर्ती हैं. इन मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण हैं. इसमें बुखार, गले में खराश और हल्की खांसी है. किसी भी मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं रखा गया है. अभी कोरोना के जो नए मामले आ रहे हैं उनमें 90 से 95 फीसदी मरीज तीन से चार दिन में ही रिकवर हो रहे हैं.

डॉ. सुरेश के मुताबिक, हॉस्पिटलाइजेशन भले ही नहीं बढ़ रहा है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है. पिछले काफी समय से लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. वायरस अभी भी मौजूद है और इसमें लगातार म्यूटेशन हो रहे हैं, जिससे नए नए सब वेरिएंट सामने आ रहे हैं. ऐसे में कोरोना से बचाव करना बहुत जरूरी है. खासतौर पर बुजुर्ग और पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए.

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