महाराष्ट्र TET घोटाला: CM फडणवीस का एक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार और SIT जांच

महाराष्ट्र: ET-2026 परीक्षा पेपर लीक मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने ठाणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर (CP) पंजाबराव उगाले की अगुवाई में SIT बनाने को कहा है। सीएम फडणवीस ने इस मामले को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और DGP सदानंद दाते से भी बातचीत की है। जांच में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच सबसे बड़ा फैसला लेते हुए महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)-2026 को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी, लेकिन पेपर लीक की आशंका और छापेमारी के बाद इसे रोक दिया गया।
पुलिस को भिवंडी (ठाणे) में गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग राज्य के बाहर से TET परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर डेकॉय ऑपरेशन चलाया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से प्रश्नपत्रों के चार सेट, नकदी और डेबिट-क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए। पुणे स्थित महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बरामद प्रश्नपत्र वही थे जो परीक्षा में शामिल होने वाले थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मामला गंभीर और संगठित रैकेट से जुड़ा हो सकता है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क में एक अंतरराज्यीय गिरोह शामिल है। इसी वजह से मामले की गहराई से जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। परिषद ने कहा है कि TET-2026 की नई तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी और उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए करीब 6 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और राज्यभर में 1,728 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होनी थी। अब परीक्षा स्थगित होने के बाद नई तारीखों का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए हर कड़ी को जोड़ने में जुटे हैं, ताकि पेपर लीक नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके।





