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मध्य प्रदेश: प्राथमिक स्कूल के वायरल वीडियो पर जिला पंचायत सीईओ की सख्त कार्रवाई

SHIDDHANT
1 Dec 2025 9:41 PM IST
मध्य प्रदेश: प्राथमिक स्कूल के वायरल वीडियो पर जिला पंचायत सीईओ की सख्त कार्रवाई
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Madhya Pradesh मध्यप्रदेश: एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामला गोपालपुर प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है, जहां एक शिक्षक द्वारा बनाए गए कथित वीडियो ने शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक चिंता पैदा कर दी है। वीडियो सामने आने के तुरंत बाद जिला पंचायत सीईओ सोजन्या सिंह रावत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। सीईओ सोजन्या सिंह रावत ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि “आज दोपहर हमें मीडिया के माध्यम से इस वीडियो की जानकारी मिली। यह मामला समय-संवेदनशील है, इसलिए तुरंत जिला स्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम को स्कूल भेजा गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार वीडियो बीते शुक्रवार को एक शिक्षक द्वारा बनाया गया था।”
अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो में कथित रूप से शिक्षक को कक्षा के दौरान अनुचित गतिविधि करते या ऐसे व्यवहार में दिखाया गया है, जो शिक्षक की जिम्मेदारी और आचार संहिता के विपरीत माना जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी है और कई लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित शिक्षक को प्राथमिकता के आधार पर निगरानी में रखा गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो शिक्षक के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग भी इस मामले की जानकारी लेने में जुट गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जांच समिति को दो दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। टीम में एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी, एक ब्लॉक स्तर का प्रशासनिक अधिकारी और एक महिला प्रतिनिधि को शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष, संवेदनशील और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा सके। प्राथमिक शिक्षा विभाग ने भी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विद्यालयों में बच्चों के हितों और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। किसी भी शिक्षक द्वारा गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने जिले के अन्य स्कूलों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में अक्सर निगरानी की कमी के कारण इस तरह के मामले सामने आते हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि विद्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जाएं और नियमित निरीक्षण किया जाए। समाचार लिखे जाने तक जांच टीम ने स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला एक बार फिर से सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था, शिक्षकों की जवाबदेही और सोशल मीडिया पर बढ़ती संवेदनशीलता को लेकर नई बहस खड़ी कर रहा है। शिक्षा विभाग का दावा है कि मामले पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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