
भारत:भारतीय ध्वज वाला LNG जहाज ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया है। यह जहाज पिछले तीन महीनों से अधिक समय बाद युद्ध प्रभावित इस संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाला पहला बड़ा पोत बन गया है। जहाज 62,370 टन तरल प्राकृतिक गैस (LNG) लेकर भारत की ओर रवाना है।
जहाज ‘दिशा’ का सुरक्षित मार्ग भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) के नेतृत्व वाले समूह द्वारा प्रबंधित यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आगे बढ़ चुका है। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा के अनुसार यह जहाज 18 जून के आसपास गुजरात के दहेज बंदरगाह पर पहुंच सकता है।
62,370 टन LNG की आपूर्ति यह जहाज बड़ी मात्रा में LNG लेकर भारत आ रहा है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। लंबे समय से तनाव और अस्थिरता के कारण इस मार्ग पर जोखिम बढ़ गया था, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
नाविकों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी सरकार ने बताया कि नाविकों की सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, पोत परिवहन कंपनियां और अन्य एजेंसियां लगातार समन्वय में काम कर रही हैं। समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
नियंत्रण कक्ष से बड़ी गतिविधि स्थापित नियंत्रण कक्ष ने पिछले 96 घंटों में 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल को संभाला है। इनमें नाविकों और उनके परिवारों से भी सैकड़ों संपर्क शामिल रहे। अब तक 3,587 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है।
बंदरगाह संचालन सामान्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि देशभर के सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और किसी भी प्रकार की जाम या बाधा की सूचना नहीं है।
ऊर्जा आपूर्ति में राहत का संकेत ‘दिशा’ जहाज का सुरक्षित मार्ग पार करना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे LNG आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।





