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LG रिश्तेदार की आत्महत्या, Suicide नोट में लिखा...

SHIDDHANT
28 Oct 2025 11:00 PM IST
LG रिश्तेदार की आत्महत्या, Suicide नोट में लिखा...
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आत्माएं कर रही हैं परेशान
Kanpur कानपुर। पुराने कानपुर के कोहना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के भांजे आलोक मिश्रा के 16 वर्षीय बेटे आरव मिश्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आरव ने लिखा है कि उसे “आत्माएं तंग करती हैं” और कहती हैं कि या तो अपने परिवार को मार दो या खुद मर जाओ। इस दर्दनाक घटना से न केवल परिवार, बल्कि पूरा इलाका सदमे में है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, आरव मिश्रा कक्षा 11 का छात्र था और पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव में चल रहा था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह अक्सर चुप रहता था और किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। दीवाली से कुछ दिन पहले उसने अपनी बहन से कहा था कि उसे कुछ “अज्ञात चेहरे दिखाई देते हैं”, जो उसे बुरे काम करने के लिए उकसाते हैं। उस समय परिवार ने उसकी बात को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात परिवार के सभी सदस्य अपने कमरे में सो गए थे। सुबह जब आरव को उठाने के लिए दरवाजा खटखटाया गया, तो कोई जवाब नहीं मिला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर आरव का शव फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही कानपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके से बरामद सुसाइड नोट में आरव ने लिखा है, “आत्माएं मुझे परेशान कर रही हैं। वे कहती हैं या तो अपने परिवार को मारो या खुद मर जाओ। मैं अब और नहीं झेल सकता।” पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है, क्योंकि मृतक जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के परिजन का बेटा है। सीनियर अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और जांच की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अब आरव के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने उसे मानसिक रूप से प्रभावित या धमकाया तो नहीं।
परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, आरव पढ़ाई में औसत था, लेकिन हाल के दिनों में वह अत्यधिक डिप्रेशन में चला गया था। कुछ मनोचिकित्सकों ने बताया कि ऐसे मामलों में बच्चों में हैलुसिनेशन (भ्रम) की समस्या हो सकती है, जिसमें उन्हें आवाजें या चेहरे दिखाई देते हैं जो वास्तव में मौजूद नहीं होते। घटना के बाद से परिवार में मातम का माहौल है। कई बीजेपी नेता और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी आलोक मिश्रा के घर पहुंचे और शोक संवेदना जताई। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कोहना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस केस में किसी बाहरी दबाव या साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यह घटना एक बार फिर से किशोरों में बढ़ते मानसिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की कमी की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में छोटे-छोटे बदलावों को भी गंभीरता से लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग या थेरेपी की मदद लेनी चाहिए।
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