भारत के नए ई-वेस्ट नीतियों को लेकर LG और Samsung ने सरकार के खिलाफ दायर किया मुकदमा

New Delhi नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया की कंपनियां LG और Samsung ने भारत सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कचरा पुनर्चक्रणकर्ताओं को अधिक भुगतान करने की नीति को रद्द करने की मांग की है। इन कंपनियों का कहना है कि सरकार की यह नीति व्यापार पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। यह मुकदमा मंगलवार को उच्च न्यायालय में सुना जाएगा, जहां अन्य कंपनियों द्वारा भी पर्यावरण नियमों को चुनौती दी जा रही है।
भारत तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है, लेकिन सरकार का कहना है कि पिछले साल केवल 43% ई-वेस्ट का पुनर्चक्रण हुआ। इसके बावजूद, अधिकांश पुनर्चक्रण कार्य अनौपचारिक स्क्रैप डीलरों के द्वारा किया जाता है। LG और Samsung का कहना है कि प्रस्तावित न्यूनतम मूल्य (22 रुपये प्रति किलोग्राम) कंपनियों की लागत को बढ़ा देगा और इससे पुनर्चक्रणकर्ताओं को अधिक लाभ होगा, जो उनके लिए वित्तीय संकट का कारण बन सकता है।
नए नियमों के तहत, कंपनियों को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का पुनर्चक्रण करने के लिए न्यूनतम 22 रुपये प्रति किलोग्राम का भुगतान करना होगा, जो उनके लिए पहले की कीमतों से 5 से 15 गुना अधिक होगा। LG और Samsung ने सरकार से इन कीमतों को कम करने की अपील की है।





