
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार, LeT अपने कैडरों को आधुनिक तकनीक और नई तरह की घुसपैठ रणनीतियों की ट्रेनिंग दे रहा है। इसमें पानी के रास्ते भारत में दाखिल होने की तकनीक, मार्शल आर्ट्स, विशेष ऑपरेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी क्षमताएं शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आतंकी संगठन अपने लड़ाकों को बदलते सुरक्षा हालात के हिसाब से तैयार करने की कोशिश कर रहा है। एजेंसियों को मिली जानकारी में सामने आया है कि LeT समुद्री रास्तों से घुसपैठ करने के तरीकों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
पानी के रास्ते घुसपैठ की ट्रेनिंग
जानकारी के अनुसार, LeT कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक की निगरानी में आतंकियों को पानी के रास्ते ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। एक वीडियो में अशफाक को स्विमिंग पूल में देखा गया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इस गतिविधि को गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को तैराकी, समुद्री रास्तों से आवाजाही, कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने और विशेष अभियानों को अंजाम देने जैसी क्षमताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचते हुए घुसपैठ करने की क्षमता बढ़ाना हो सकता है।
26/11 हमले की याद दिलाता है समुद्री रास्ता
LeT की समुद्री घुसपैठ की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि साल 2008 में मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले में भी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया गया था।
26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्र के रास्ते भारत में प्रवेश किया था। आतंकियों ने एक मछली पकड़ने वाली नाव को हाईजैक किया और फिर छोटी रबर की नावों के जरिए मुंबई तट तक पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने शहर में कई जगहों पर हमला किया, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
मार्शल आर्ट्स और AI का इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि LeT अपने कैडरों को मार्शल आर्ट्स और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से जुड़ी क्षमताएं भी शामिल हैं।
जानकारों का मानना है कि आतंकी संगठन अब डिजिटल तकनीक, सोशल मीडिया और AI जैसे साधनों का इस्तेमाल प्रचार, भर्ती और अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए कर सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां साइबर गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल LeT की इन गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। समुद्री सीमा, तटीय इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठनों की रणनीति लगातार बदल रही है। पहले जहां हथियार और संख्या पर जोर दिया जाता था, वहीं अब तकनीक, प्रशिक्षण और गुप्त ऑपरेशन की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
भारत पहले भी कई बार आतंकी संगठनों की ऐसी साजिशों को नाकाम कर चुका है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सतर्क हैं और देश की समुद्री सीमाओं समेत सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निगरानी मजबूत की जा रही है।





