
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डीएमके द्वारा रूपया प्रतीक को बदलने के प्रयासों पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने इसे 'खतरनाक मानसिकता' करार देते हुए कहा कि इस तरह के कदम देश की एकता और अखंडता के खिलाफ हैं। सीतारमण ने कहा कि रूपया प्रतीक का बदलाव एक संविधानिक प्रतीक के तौर पर भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, जिसे किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए बदलने की कोशिश करना उचित नहीं है।
सीतारमण की प्रतिक्रिया:
निर्मला सीतारमण ने कहा कि रूपया प्रतीक एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहचान है और इसका कोई राजनीतिक रंग नहीं होना चाहिए। उन्होंने डीएमके और उसके नेताओं को चेतावनी दी कि वे इस प्रकार के विवादित कदमों से बचें, क्योंकि यह देश की प्रतिष्ठा और संविधान के खिलाफ हो सकता है।
रूपया प्रतीक का महत्व:
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि रूपया प्रतीक का डिजाइन भारतीय विभिन्न संस्कृतियों का प्रतीक है और इसे देश की पहचान के तौर पर मान्यता प्राप्त है। इस प्रतीक को बदलने का प्रयास भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक मूल्य को कमजोर कर सकता है।
निष्कर्ष:
निर्मला सीतारमण के बयान ने डीएमके के कदमों को लेकर विवाद को और बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक एजेंडे को राष्ट्रीय प्रतीकों से जोड़कर उन्हें भ्रमित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए





