
दिल्ली | भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते टैरिफ और प्रतिबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं, लेकिन अब टैरिफ और प्रतिबंधों का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाना एक सच्चाई बन चुका है।"
क्या बोले जयशंकर?
उन्होंने कहा कि व्यापार युद्ध और आर्थिक प्रतिस्पर्धा अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है।
जयशंकर ने अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और यूरोपीय संघ की नीतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब देश अपने हितों की रक्षा के लिए टैरिफ और प्रतिबंधों का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने भारत की रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि हमें ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना होगा।
भारत की रणनीति क्या होगी?
मेड इन इंडिया: स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देना और विदेशी निर्भरता कम करना।
नई ट्रेड पॉलिसी: अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुसार नीतियां बनाना।
सप्लाई चेन में मजबूती: भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड का हब बनाना।
जयशंकर के इस बयान से यह साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में टैरिफ और प्रतिबंध अब बड़े रणनीतिक हथियार बन चुके हैं, और भारत को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों को अपनाना होगा।





