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Meerut मेरठ। ललिता गौतम हत्याकांड की पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी शामिल थे। इस बारे में एसपी सिटी विनायक भोसले ने पत्रकारों से बातचीत में पूरी जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल आए, जिसके बाद दफ्तर में मौजूदा कर्मियों ने इनसे संपर्क स्थापित किया। इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से इन लोगों को अवगत कराया। इसके बाद हमने इन मांगों पर विचार किए। संवाद के दौरान हमने अपने तथ्यों से भी इन लोगों को अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शन की बात कही थी। आप सभी लोगों ने खुद देखा था कि कैसे वहां पर एंबुलेंस को भी जाने में परेशानी हुई थी। इससे लोगों को बड़े पैमाने पर दिक्कत हुई थी। कई एंबुलेंस रास्ते में फंसी रहीं। दो दिनों तक लोगों को आने जाने में परेशानी हुई थी। इसके बाद लगातार पांच छह घंटे तक राजपत्रित अधिकारी की ओर से इन्हें समझाने की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद भी ये लोग वहां से हटे नहीं थे।
इतना ही नहीं, कुछ लोग रास्ते पर भी लेट गए थे। उन सभी लोगों से आह्वान किया जा रहा था कि वो रास्ते से हट जाए, लेकिन वो हट ही नहीं रहे थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर वहां स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया गया था, ताकि अन्य लोगों को आवाजाही करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो, क्योंकि इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका इतिहास आपराधिक था। इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पुलिस प्रशासन से भी अनुमति नहीं ली थी। उनके मुताबिक, इन सब घटनाओं के बारे में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया। अब हमारे समझाने के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने स्थानों के लिए रवाना हो गए। आमतौर पर देखा जाता है कि इस तरह की स्थिति में आपराधिक तत्वों के लोग शामिल हो जाते हैं, जिनकी वजह से स्थिति और ज्यादा अप्रिय हो जाती है और हमारी यही कोशिश थी कि किसी भी तरह स्थिति बेकाबू नहीं हो।
उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता है। इसी को देखते हुए हमारी कोशिश है कि किसी भी तरह से स्थिति को असामान्य नहीं हो, क्योंकि मुझे समझता हूं कि इससे न सिर्फ प्रदेश और जनपद प्रभावित होता है, बल्कि इसका पूरा असर देश पर पड़ता है। कई तरह के ऐसे विदेश तंत्र भी शामिल हो, जो इस तरह के भीड़ का हिस्सा होकर लोगों के बीच में झूठी खबरें फैलाने का काम करते हैं। इन्हीं सब घटनाओं के बारे में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को बताया गया, जिसके बाद वो लोग अपने अपने जगहों के लिए रवाना हो गए। उधर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि हमें प्रशासन ने मिलने नहीं दिया। प्रभारी के नेतृत्व में सभी लोग मिलना चाहते थे। हमारे प्रतिनिधिमंडल में सात लोग शामिल थे, जिसमें चार सदस्य शामिल थे और एक विधायक शामिल थे, लेकिन इन लोगों हमें मना कर दिया। अब हम लोग 27 तारीख को दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।
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