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Kolkata : फेसबुक पोस्ट विवाद में कालीघाट थाने के OC गौतम दास निलंबित

Harrison
2 May 2026 8:37 PM IST
Kolkata : फेसबुक पोस्ट विवाद में कालीघाट थाने के OC गौतम दास निलंबित
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West Bengal वेस्ट बंगाल: कोलकाता में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) गौतम दास को निलंबित कर दिया है। यह कदम उस शिकायत के बाद उठाया गया, जो तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से की थी।
मामला गौतम दास की एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें वे अपनी वर्दी में अपने कार्यालय कक्ष में बैठे दिखाई दे रहे थे। इस तस्वीर में उनके हाथ में एक ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल भी नजर आ रही थी। पोस्ट के साथ उन्होंने एक संदेश भी लिखा था—“नए असाइनमेंट के लिए तैयार...”। इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर आपत्ति जताई गई।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस पोस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। पार्टी के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने शुक्रवार शाम को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह पोस्ट चुनाव आचार संहिता और सरकारी सेवा आचरण नियमों के अनुरूप नहीं है।
पार्टी ने अपने शिकायत पत्र में कहा कि चुनावी माहौल के दौरान इस तरह की पोस्ट अनुचित है और इससे कानून व्यवस्था तथा निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने इसे ‘आपत्तिजनक’ बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
यह भी उल्लेखनीय है कि कालीघाट थाना क्षेत्र में ही ममता बनर्जी का आधिकारिक आवास स्थित है। इस कारण यह मामला और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। चुनावी समय में किसी भी प्रकार की विवादित गतिविधि को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस विभाग ने मामले की समीक्षा की और तत्परता से कार्रवाई करते हुए गौतम दास को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट सेवा नियमों और चुनाव के दौरान अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं मानी जाती।
चुनाव के दौरान लागू होने वाली मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्षता और संयम बनाए रखने की अपेक्षा होती है। किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि, जो पक्षपात या अनुचित व्यवहार का संकेत दे, उस पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेवा नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, कोलकाता में सामने आया यह मामला चुनावी आचार संहिता के पालन और सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
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