भारत

दवाई घोटाले पर बोले केजीएमयू के प्रवक्ता- प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी

SHIDDHANT
2 Jun 2026 11:06 PM IST
दवाई घोटाले पर बोले केजीएमयू के प्रवक्ता- प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी
x
Lucknow लखनऊ : किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कैंसर मरीजों के नाम पर करोड़ों रुपए की महंगी दवाइयों से जुड़े कथित घोटाले के मामले में केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि यह सच है कि घोटाला हुआ है, लेकिन प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है। लखनऊ में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि यह सच है कि कुछ कर्मचारियों और हमारे कुछ कंसल्टेंट्स की लापरवाही के कारण 'असाध्य योजना' के तहत मरीजों के लिए लाई गई दवाइयों को यहां से हटाकर बाहर भेज दिया गया। पहले, एक विभाग में हर महीने लगभग 5 लाख से 7 लाख की दवाइयां इस्तेमाल होती थीं। इसके बाद लाखों रुपए की दवाइयां इस्तेमाल होने लगीं। हमने इस मामले को वाइस चांसलर के संज्ञान में लाया है। उसी दिन, वाइस चांसलर ने एक समिति का गठन किया। शुरुआती जांच के दौरान हमें ऐसे संकेत मिले कि कुछ गड़बड़ है। कुछ मरीजों की मृत्यु हो चुकी थी, कुछ कैंसर के मरीज नहीं थे, और जिन दवाइयों को यहां दिया जाना था, वे असल में यहां नहीं दी गईं।
इसके बजाय उन्हें कहीं और भेज दिया गया। हमने अपनी शुरुआती रिपोर्ट वाइस चांसलर को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर वाइस चांसलर बहुत ही सख्त जांच करवाने का इरादा रखते हैं। जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पैसों की रिकवरी होगी। केजीएमयू के बस में जितनी कार्रवाई है, वह की जाएगी।
दूसरी ओर दवाओं को लेकर हुए घोटाले पर सियासत भी तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि 2017 से ही केजीएमयू लगातार लापरवाही और भ्रष्टाचार का अड्डा
बनता
जा रहा है। खुद स्वास्थ्य मंत्री ही गंभीर नहीं हैं। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता वहां जाकर हंगामा करते हैं। मनमाने तरीके से काम किए जा रहे हैं, इसलिए ऐसी शिकायतें सामने आना स्वाभाविक है। जब आप किसी संस्थान के विकास, उसकी तरक्की या उसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम नहीं करते, और जब खुद स्वास्थ्य मंत्री ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं, तो ऐसे हालात में निचले स्तर के लोगों से ईमानदारी से काम करने की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि मुझे इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेडिकल कॉलेज के पास जवाबदेह प्रशासन मौजूद है। यह सच है कि पहले सरकारी अस्पतालों से कुछ शिकायतें मिली थीं कि जो दवाइयां सरकारी व्यवस्था के जरिए दी जानी चाहिए थीं, उन्हें इसके बजाय बाजार से खरीदने के लिए लिखा जा रहा था। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। मेरा मानना ​​है कि यह एक जिम्मेदार सरकार है और अगर ऐसा कोई भ्रष्टाचार सामने आता है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना सुनिश्चित करेगी।
Next Story