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हाथ पर कलश रखकर 6 दिन से निर्जला व्रत, बिगड़ी तबीयत फिर भी नहीं टूटी आस्था

SHIDDHANT
17 Oct 2026 12:06 AM IST
हाथ पर कलश रखकर 6 दिन से निर्जला व्रत, बिगड़ी तबीयत फिर भी नहीं टूटी आस्था
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पिता की सलामती के लिए बेटी का कठिन तप
सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में नवरात्रि के दौरान एक महिला का कठिन व्रत चर्चा में है। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के कुशहा वार्ड नंबर सात की रहने वाली गुड्डी देवी अपने पिता के स्वास्थ्य में सुधार की मन्नत पूरी करने के लिए दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर निर्जला व्रत कर रही हैं। लगातार छह दिनों से व्रत रखने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है। स्वास्थ्य जांच में चिंताजनक स्थिति सामने आने पर डॉक्टरों ने तत्काल इलाज कराने की सलाह दी है, लेकिन महिला अपनी धार्मिक आस्था के कारण व्रत तोड़ने को तैयार नहीं हैं।
पिता की सलामती के लिए मांगी थी मन्नत
परिजनों के अनुसार, कुछ महीने पहले गुड्डी देवी के पिता वासुदेव सरदार को पैरालिसिस का अटैक आया था। कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद गुड्डी देवी ने मां दुर्गा के मंदिर में मन्नत मांगी कि पिता के स्वास्थ्य में सुधार होने पर वह नवरात्रि के नौ दिनों तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए हाथ पर कलश रखकर पूजा करेंगी। महिला का दावा है कि मन्नत मांगने के कुछ दिनों बाद उनके पिता की सेहत में सुधार होने लगा।
हाथ पर कलश लेकर शुरू की आराधना
गुड्डी देवी ने नवरात्रि के पहले दिन से त्रिवेणीगंज मेला ग्राउंड स्थित अजगैबी काली दुर्गा मंदिर में पूजा शुरू की। उन्होंने अपने दाहिने हाथ पर कलश स्थापित किया और निर्जला व्रत का संकल्प लिया। लगातार कई दिनों तक भोजन और पानी नहीं लेने के कारण अब उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डॉक्टरों ने बताई हालत चिंताजनक
शुक्रवार सुबह मंदिर में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच करने पहुंची मेडिकल टीम ने गुड्डी देवी का परीक्षण किया। जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर असामान्य पाया गया। पल्स और हृदय गति में भी गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि महिला पहले से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और व्रत के दौरान उन्होंने अपनी दवाइयां भी बंद कर दी हैं। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति देखते हुए तत्काल उपचार कराने की सलाह दी।
महिला बोलीं- मां दुर्गा मेरी रक्षा करेंगी
स्वास्थ्यकर्मियों के समझाने के बावजूद गुड्डी देवी व्रत समाप्त करने को तैयार नहीं हुईं। उन्होंने मां दुर्गा पर विश्वास जताते हुए कहा कि माता उनकी रक्षा करेंगी और उन्हें कुछ नहीं होगा। हालांकि, चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक बिना पानी के रहने और निर्धारित दवाइयां बंद करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
प्रशासन ने शुरू किया समझाने का प्रयास
मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिला के परिजनों, मंदिर की पूजा समिति और पंडितों से बातचीत की। प्रशासन महिला की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल महिला के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की चिंता बनी हुई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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