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जज और मंत्री ने ईंधन बचाने मिसाल पेश की, साइकिल-ई रिक्शा का किया इस्तेमाल

Nilmani Pal
12 May 2026 3:58 PM IST
जज और मंत्री ने ईंधन बचाने मिसाल पेश की, साइकिल-ई रिक्शा का किया इस्तेमाल
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एमपी। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का देशव्यापी असर दिखने लगा है. मध्य प्रदेश में हाई कोर्ट के जज साइकिल से कोर्ट पहुचे, तो वहीं लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष ने ई-रिक्शा का सहारा लिया. केंद्र में जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सुरक्षा काफिला छोड़ने का फैसला लेकर एक नई मिसाल पेश की है. जबलपुर में प्रधानमंत्री की अपील का एक उदाहरण देखने को मिला, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डी.डी. बंसल खुद साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे. जस्टिस बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से 3 किलोमीटर तक भीड़भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल चलाते नजर आए. उनके साथ कोर्ट के कर्मचारी भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर चले.

जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं चला जा सकता. उन्होंने चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए आम नागरिकों से भी तेल की बचत करने की अपील की.

जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डी.डी. बंसल खुद साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे. जस्टिस बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से 3 किलोमीटर तक भीड़भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल चलाते नजर आए. उनके साथ कोर्ट के कर्मचारी भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर चले. जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं चला जा सकता. उन्होंने चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के आह्वान का हवाला देते हुए आम नागरिकों से भी तेल की बचत करने की अपील की. भोपाल में नवनियुक्त लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण ने भी ई-रिक्शा को अपनाकर एक मैसेज दिया है. ईरान-इजरायल जंग की वजह से ग्लोबल क्राइसिस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए प्रधानमंत्री ने ईंधन के कम उपयोग की बात कही थी. इसी के चलते सत्येंद्र भूषण आज बीजेपी कार्यालय और उसके बाद लघु उद्योग दफ्तर ई-रिक्शा से पहुंचे. उन्होंने ई-रिक्शा से ही जाकर अपना पदभार ग्रहण किया.


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