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JPSC-JSSC छात्रों का प्रदर्शन तेज, पीयूष कुमार बोले

SHIDDHANT
14 Aug 2026 9:16 PM IST
JPSC-JSSC छात्रों का प्रदर्शन तेज, पीयूष कुमार बोले
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Ranchi रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच छात्र नेता पीयूष कुमार ने पुतला जलाने के मामले पर सफाई देते हुए कहा कि छात्रों ने किसी मंत्री का पुतला नहीं जलाया, बल्कि यह पुतला झारखंड के कथित ‘एग्जाम माफिया’ और उनके संरक्षकों का प्रतीक था। पीयूष कुमार ने कहा कि शुरुआत में ही वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रदर्शन के दौरान जलाया गया पुतला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं था। यह एक बिना चेहरे वाला प्रतीकात्मक पुतला था, जिसके जरिए छात्र परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।
छात्र नेता ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों का उद्देश्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह छात्रों ने एग्जाम माफिया और उनके संरक्षणकर्ताओं के प्रतीकात्मक पुतले को जलाया है, उसी तरह सरकार को भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। छात्र निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। वे केवल पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पीयूष कुमार ने कहा कि छात्रों की लड़ाई युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। झारखंड में छात्र आंदोलन अब राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत को लेकर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
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