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जद-एस के बागियों ने केरल के वरिष्ठ नेता सीके नानू को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना

Nilmani Pal
12 Dec 2023 1:27 AM GMT
जद-एस के बागियों ने केरल के वरिष्ठ नेता सीके नानू को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना
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बेंगलुरु। जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के पूर्व कर्नाटक अध्यक्ष सी.एम. इब्राहिम ने सोमवार को घोषणा की कि निष्कासित नेता सी.के. नानू को पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की जगह पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। देवेगौड़ा ने हाल ही में इब्राहिम और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नानू को “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के कारण जद-एस से निष्कासित करने की घोषणा की थी, क्योंकि बागियों ने उन्‍हें कर्नाटक में भाजपा के साथ गठबंधन का विरोध किया था।

जद-एस के बागी नेताओं ने बेंगलुरु में इब्राहिम के नेतृत्व में बैठक की और नए अध्‍यक्ष की घोषणा की। पत्रकारों से बात करते हुए इब्राहिम ने घोषणा की कि नानू को जद-एस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। उन्‍होंने कहा, “यह मेरा फैसला नहीं है; यह राष्ट्रीय कार्यकारी समिति द्वारा लिया गया फैसला है। हम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव से मिलने जा रहे हैं।”

इब्राहिम ने देवेगौड़ा पर तंज कसते हुए कहा, “हम जनवरी में हुबली में बड़े पैमाने पर रैली करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, बिहार के सीएम नीतीश कुमार और राहुल गांधी को आमंत्रित किया जाएगा। समाजवादी जयप्रकाश नारायण, महात्मा गांधीजी और पूर्व सीएम रामकृष्ण हेगड़े निधन के बाद भी अपनी विचारधाराओं के लिए आज सम्‍मानित हैं।” लेकिन, कुछ लोग जो जीवित हैं, वे विचारधारा को भूलकर चलते-फिरते शवों की तरह होंगे।”

उन्होंने कहा, “आपने (देवेगौड़ा) अपने बच्चों के हितों की रक्षा के लिए, महज दो सीटों के लिए विचारधारा का त्याग कर दिया है। देश का इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा।”

इब्राहिम ने कहा, “आपने (देवेगौड़ा) 92 साल की उम्र में विचारधारा से समझौता कर लिया है। जब (तत्कालीन प्रधानमंत्री) अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे केंद्रीय मंत्री बनने का प्रस्ताव दिया तो मैंने उसे स्वीकार नहीं किया। मैंने राज्यपाल का पद भी नहीं लिया। जद-एस के पांच विधायक हमारे साथ हैं।”

उन्‍होंने कहा कि पार्टी के सभी राज्यों के अध्यक्षों की नियुक्ति की शक्ति नानू को दी गई है। आज, राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद देवेगौड़ा से छीन लिया गया है और नानू को सौंप दिया गया है।”

सूत्रों ने कहा कि बागी नेता जद-एस से अपने निष्कासन को कानूनी रूप से चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और पार्टी के चिन्ह पर भी दावा करेंगे।

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