
x
छात्रों पर कार्रवाई नहीं होने का भरोसा मिलने पर खत्म
Delhi दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा गूंजा। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा, जबकि सरकार ने चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही और विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में लोग और कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। CJP ने दावा किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनाती है तो दिल्ली में और बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब केंद्र सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देगी कि कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर किसी भी तरह की दंडात्मक या बदले की कार्रवाई नहीं की जाएगी। वांगचुक ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी या अन्य किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को उठाती रहेगी।
वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में 20 जुलाई को CJP के नेतृत्व में हुए मार्च के दौरान कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को घटना से जुड़े सभी रिकॉर्ड, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं, सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर अब मामला संसद, सड़क और अदालत तक पहुंच गया है। सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
Next Story





