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आधी रात खुला जन्मभूमि का द्वार कान्हा के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब
Mathura मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का सबसे पावन क्षण जैसे ही रात 12 बजे आया, वैसे ही मथुरा समेत देश-विदेश के मंदिरों में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। चारों दिशाओं में "हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की" के जयकारे गूंज उठे और भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में झूम उठे। श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद भव्य तरीके से मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था। आधी रात को जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का समय आया, मंदिर में घंटियों, शंखनाद और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
VIDEO | Mathura: Curtains open at Shri Krishna Janmabhoomi Temple, at the midnight birth of Lord Shri Krishna.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 4, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/LdLYlkYFve
देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में कान्हा के दर्शन किए। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग अपने आराध्य के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मंदिर के कपाट खुले और भक्तों ने लड्डू गोपाल के दर्शन किए। मंगला आरती के बाद पूरा मंदिर परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए।
#WATCH | Mathura, UP: Devotees gather for the midnight prayers to celebrate the birth of Lord Krishna on the occasion of Krishna Janmashtami at the Shri Krishna Janmabhoomi Temple. pic.twitter.com/8WqVsZf6Cv
— ANI (@ANI) September 4, 2026
श्रद्धालुओं का कहना है कि मथुरा में जन्माष्टमी मनाने का अनुभव बेहद खास होता है। एक महिला भक्त ने कहा कि यह सब भगवान श्रीकृष्ण की कृपा है। कान्हा की लीला और उनकी शक्ति से पूरी दुनिया जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भगवान की शरण में आने के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होता है। वहीं भक्त मोहन सिंह ने बताया कि वह करीब 15 वर्षों से जन्माष्टमी पर मथुरा आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां आकर मन को बहुत शांति मिलती है और ऐसा लगता है कि भगवान स्वयं भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में बेहतर व्यवस्थाओं की भी सराहना की। भक्तों का कहना है कि अब दर्शन व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हुई है और जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व पर भी लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। मथुरा की गलियों से लेकर मंदिरों तक इस समय सिर्फ कृष्ण भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। जन्माष्टमी का यह दिव्य उत्सव भक्तों के लिए आस्था, आनंद और आध्यात्मिक अनुभव का यादगार पल बन गया।
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