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हैदराबाद के पास अनोखा मंदिर, मनोकामना पूरी होने पर घूमता है पत्थर

Tulsi Rao
29 Sept 2026 11:26 AM IST
हैदराबाद के पास अनोखा मंदिर, मनोकामना पूरी होने पर घूमता है पत्थर
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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से कुछ दूरी पर स्थित एक मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गच्चीबाउली से करीब 30 किलोमीटर दूर शंकरपल्ली क्षेत्र के चेन्नीपालेम गांव में स्थित श्री ब्रह्मसूत्र मरकत लिंगेश्वर स्वामी मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक पहचान और रहस्यमयी विशेषताओं के कारण चर्चा में है।

मंदिर की सबसे बड़ी खासियत परिसर में रखा एक विशेष पत्थर है, जिसे लेकर भक्तों में गहरी आस्था जुड़ी हुई है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यदि कोई श्रद्धालु इस पत्थर पर दोनों हाथ रखकर मनोकामना करता है और उसकी इच्छा पूर्ण होने वाली होती है, तो पत्थर दाईं ओर घूम जाता है। इसी मान्यता के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं और इस अनुभव को स्वयं महसूस करने की कोशिश करते हैं।

मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग भी काफी विशेष माना जाता है। यह शिवलिंग मरकत यानी पन्ना पत्थर से निर्मित बताया जाता है, जिस पर ब्रह्मसूत्र रेखा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तरह का दुर्लभ ब्रह्मसूत्र मरकत शिवलिंग देश में बहुत कम स्थानों पर है। एक तमिलनाडु के थिरुवरूर स्थित त्यागराज मंदिर में और दूसरा तेलंगाना के चेन्नीपालेम गांव में स्थित इस मंदिर में बताया जाता है।

स्थानीय परंपराओं के मुताबिक इस पवित्र शिवलिंग की स्थापना त्रेतायुग में भगवान श्रीराम द्वारा की गई थी। श्रद्धालुओं के बीच यह भी मान्यता है कि इस दुर्लभ शिवलिंग के दर्शन करने से हजार सामान्य शिवलिंगों के दर्शन और पूजन के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस मंदिर को विशेष धार्मिक महत्व वाला स्थल माना जाता है।

मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए एक और विशेष बात यह है कि उन्हें अपने हाथों से शिवलिंग का जलाभिषेक करने का अवसर मिलता है। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को भगवान शिव के और करीब होने का अहसास कराती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोगों की आस्था और भी मजबूत होती दिखाई देती है।

मंदिर परिसर में मुख्य शिवलिंग के अलावा माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। इसके साथ ही क्षेत्रपाल के रूप में काल भैरव स्वामी का स्थान भी मौजूद है। काल भैरव मंदिर के पास ही वह मनोकामना वाला पत्थर रखा है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु विशेष रूप से पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिलालेख भी मौजूद है, जिसे इस स्थल की ऐतिहासिकता का प्रमाण माना जाता है। प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन और शोध के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाने लगा है।

हैदराबाद के आसपास रहने वाले लोगों के अलावा दूसरे शहरों और राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आस्था, इतिहास और रहस्य के अनोखे संगम के कारण चेन्नीपालेम का यह मंदिर आज खास पहचान बना चुका है।

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