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जयशंकर का बांग्लादेश दौरा, पाकिस्तान के राजनेता से हुई मुलाकात
Shantanu Roy
31 Dec 2025 5:30 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचे, जहां उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। खालिदा जिया का मंगलवार को ढाका में निधन हो गया था। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और लंबे समय तक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष रही हैं। उनकी उम्र 80 वर्ष थी और वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। जयशंकर का यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की और अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान उन्होंने तारिक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक निजी पत्र भी सौंपा। हालांकि, इस दौरे में एक और घटना ने अंतरराष्ट्रीय चर्चा बटोरी। ढाका में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह के दौरान जयशंकर ने पाकिस्तान के एक वरिष्ठ नेता से हाथ मिलाया। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस मुलाकात को ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं के बीच पहली अनौपचारिक आमने-सामने मुलाकात माना जा रहा है।
जयशंकर ने जिस पाकिस्तानी राजनेता से हाथ मिलाया, उनका नाम सरदार अयाज सादिक है। वह पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। सादिक को संसद का स्पीकर शहबाज शरीफ ने नियुक्त किया था। जानकारी के मुताबिक, यह मुलाकात पूरी तरह अनौपचारिक थी और इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कोई औपचारिक या राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। यही कारण है कि इस मुलाकात की तस्वीरें न तो भारतीय विदेश मंत्रालय ने साझा कीं और न ही जयशंकर ने किसी आधिकारिक बयान में इसका उल्लेख किया।
सरदार अयाज सादिक का नाम अक्सर विवादों में आता रहा है। बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की आलोचना की थी। सादिक ने तब कहा था कि कुरैशी ने डर के कारण यह बयान दिया था कि यदि भारतीय पायलट अभिनंदन को रिहा नहीं किया गया तो भारत हमला कर सकता है। खालिदा जिया का अंतिम संस्कार मानिक मियां एवेन्यू, ढाका में आयोजित किया गया। इसमें कई विदेशी गणमान्य व्यक्ति, राजनेता और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद जिया को राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनका अंतिम विश्राम स्थल उनके पति, दिवंगत राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी जियाउर रहमान की कब्र के पास होगा। तीन बार प्रधानमंत्री रही खालिदा जिया का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
वह दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहीं और बीएनपी के नेतृत्व में कई राष्ट्रीय फैसलों और चुनावी रणनीतियों में अहम योगदान दिया। उनके निधन से देश की राजनीति में शोक का माहौल है और उनके समर्थक उनके जीवन और योगदान को याद कर रहे हैं। जयशंकर के बांग्लादेश दौरे का यह हिस्सा, जिसमें पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता से अनौपचारिक मुलाकात हुई, दोनों देशों के बीच राजनयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई, लेकिन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय राजनयिक घटनाओं में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं।
इस दौरे का दूसरा मुख्य उद्देश्य खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना था। जिया के राजनीतिक जीवन के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच कई महत्वपूर्ण निर्णय और सहयोग हुए थे। जयशंकर ने वहां पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी सौंपा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस दौरे को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच संवेदनशील राजनयिक माहौल में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह मुलाकात दर्शाती है कि क्षेत्रीय नेताओं के बीच अनौपचारिक संवाद भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भूमिका निभा सकता है।
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