भारत
जयराम ठाकुर का दावा-रिपीट नहीं, कंप्लीट डिफीट होगी कांग्रेस सरकार
Shantanu Roy
7 Nov 2026 10:14 PM IST

x
शिमला। बीबीएमबी की बिजली हिस्सेदारी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि फैसले का श्रेय लेने के बजाय मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता को इसका पूरा लाभ दिलाने पर ध्यान देना चाहिए। शनिवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के बिजली अधिकारों की लड़ाई करीब 30 वर्षों तक चली है। इसमें प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों के साथ न्यायपालिका और केंद्र सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि छह नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय का आया फैसला किसी एक सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष का परिणाम है। ऐसे में मुख्यमंत्री सुक्खू को इसका राजनीतिक श्रेय लेने से बचना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1966 में पंजाब पुनर्गठन के बाद हिमाचल के अधिकारों का सवाल उठा था। वर्ष 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में उठाया गया। इसके बाद 27 सितंबर 2011 को प्रेम कुमार धूमल सरकार के समय हिमाचल की 7.19 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण फैसला आया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी हिमाचल के पानी पर रॉयल्टी का मुद्दा उठाकर इस लड़ाई की नींव रखी थी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में चार जनवरी 2018 को मंत्रिमंडल ने डिफरेंशियल एनर्जी की वापसी को लेकर आगे बातचीत करने का निर्णय लिया था। इसके बाद वर्ष 2019 और 2020 में भी न्यायालय में कार्रवाई जारी रही। वहीं अब केंद्र सरकार की मध्यस्थता से कैशलेस समझौते का रास्ता निकला। अब पूंजीगत देनदारी के समायोजन के बाद हिमाचल को अगले 20 वर्षों में 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी। सर्दियों के छह महीनों में प्रतिवर्ष करीब 598 मिलियन यूनिट बिजली मिलने से प्रदेश को राहत मिलेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रदेश को मिलने वाली इस बिजली का आम जनता को क्या लाभ मिलेगा। क्या सरकार 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की अपनी चुनावी गारंटी पूरी करेगी? उन्होंने कहा कि सरकार को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की पुरानी सुविधा भी बहाल करनी चाहिए। इसके साथ ही उद्योगों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकने तथा बढ़ते बिजली शुल्क और सेस से लोगों को राहत देने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी महंगाई भत्ते, एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार लगातार कर्ज ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घोषणाएं करने और दूसरी सरकारों के कार्यों का श्रेय लेने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी और जनता सरकार से चार वर्षों के कामकाज का हिसाब मांगेगी।
Next Story





