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विरोध का अधिकार है, तोड़फोड़ की छूट नहीं
रोम। इटली में महंगाई और बढ़ती जीवनयापन लागत के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और पुलिसकर्मियों पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा फैलाना और शहरों को युद्ध का मैदान बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मिलान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा
17 अक्टूबर को इटली के मिलान शहर में महंगाई और युद्ध के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कुछ नकाबपोश लोगों ने पुलिस पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं।
उपद्रवियों ने बैरिकेड्स में आग लगा दी और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। घटना में पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
मेलोनी ने विपक्षी दलों से की अपील
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन उसकी आड़ में अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने विपक्षी दलों से भी हिंसक घटनाओं की स्पष्ट निंदा करने और सभी प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
मेलोनी ने कहा कि वह उन हजारों नागरिकों का सम्मान करती हैं जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। हालांकि, सुरक्षा बलों पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
कई शहरों में प्रदर्शन और झड़पें
मिलान के अलावा बोलोग्ना सहित इटली के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी महंगाई, वेतन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
बोलोग्ना में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
प्रधानमंत्री मेलोनी के बयान के बाद शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन का मुद्दा फिर चर्चा में है।
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