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चुनाव नतीजों के दिन ही थी बेटी की शादी, मौत छिपाकर पूरी की गई रस्म, जानिए पूरा मामला

jantaserishta.com
4 May 2021 9:23 AM IST
चुनाव नतीजों के दिन ही थी बेटी की शादी, मौत छिपाकर पूरी की गई रस्म, जानिए पूरा मामला
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कोरोना वायरस की महामारी के बीच हुए आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव किसी के लिए खुशी तो किसी के लिए गम का पैगाम लेकर आए. एक तरफ तमाम प्रत्याशियों की जीत का जश्न था तो वहीं किसी प्रत्याशी के जीत के बाद भी मातम का माहौल दिखाई दिया. ऐसा ही एक मामला पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में सामने आया है.

चंदौली जिले में ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार रहे एक प्रत्याशी की परिणाम आने से पहले ही कोरोना के कारण मौत हो गई. जब परिणाम की घोषणा हुई तो उस प्रत्याशी को जीत मिली. यही नहीं 2 मई को जिस दिन मतगणना होनी थी उसी दिन इस प्रत्याशी की बेटी की बारात भी दरवाजे पर आई थी लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था. यह प्रत्याशी न तो बेटी की विदाई कर सका और ना ही अपनी चुनावी जीत को ही देख पाया.
चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक के किशनपुरा गांव निवासी 55 साल के वीरेंद्र उर्फ रामविलास यादव ग्राम प्रधान पद के लिए उम्मीदवार थे. 26 अप्रैल को मतदान हुआ था और 2 मई को मतगणना होनी थी. 2 मई को ही रामविलास की बिटिया की बारात भी आने वाली थी. रामविलास के समर्थक मतगणना करा रहे थे वहीं रामविलास अपने दरवाजे पर रहकर बेटी की बारात के स्वागत की तैयारियों में लगे हुए थे.
रामविलास की तबीयत दोपहर के करीब 2 बजे बिगड़ गई और उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया. आनन-फानन में इलाज के लिए घरवाले रामविलास को लेकर धानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे लेकिन वहां चिकित्सकों ने रामविलास को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया. परिजनों ने रामविलास को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. शाम करीब 6 बजे बेटी की बारात दरवाजे पहुंची और करीब-करीब उसी समय अस्पताल में भर्ती रामविलास की सांसों ने भी उनका साथ छोड़ दिया.
बेटी की शादी में व्यवधान न पड़े, इसलिए परिजनों ने रामविलास की मौत की जानकारी को शादी और विदाई होने तक छिपा दिया. रामविलास की डेड बॉडी वाराणसी के उस अस्पताल में ही रखी रही जहां उनका इलाज चल रहा था. 3 मई की सुबह जब रामविलास यादव की बेटी डोली में बैठकर अपनी ससुराल विदा हो गई, इसके बाद रामविलास के शव को गांव लाया गया.
ब्लॉक मुख्यालय पर मतगणना का कार्य भी चल रहा था और इसके नतीजे भी आ गए. रामविलास यादव ग्राम प्रधान का चुनाव भी जीत गए. रामविलास यादव को 361 वोट मिले थे जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी विकास को 210 वोट मिले. रामविलास यादव ने चुनावी बाजी जीत ली लेकिन जिंदगी की जंग हार गए.
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