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दुर्गा पूजा से संबंधित गाइडलाइन का पालन करना जरुरी...वरना होगी कार्यवाही

Gulabi
11 Oct 2021 1:08 PM GMT
दुर्गा पूजा से संबंधित गाइडलाइन का पालन करना जरुरी...वरना होगी कार्यवाही
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राजधानी रांची समेत झारखंड से सभी जिलों में आज से पूजा पंडालों के पट दर्शकों के लिए खोल दिए गये हैं

राजधानी रांची समेत झारखंड से सभी जिलों में आज से पूजा पंडालों के पट दर्शकों के लिए खोल दिए गये हैं. हालांकि इस बार दर्शकों को कोरोना गाइडलाइंस के बीच पूजा का आंनंद लेना होगा. सरकार ने कोरोना से संबंधित गाइडलाइन जारी किया है. पंडाल में जाने वाले दर्शकों और पूजा समितियों को गाइडलाइन का पालन करना होगा. प्रशासन ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि किसी भी जगह पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं किया जाए. जो भी व्यक्ति या पूजा पंडाल प्रशासन के आदेश कि अवहेलना करेंगे उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार और आइपीसी की धारा 188 के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जायेगी.


दुर्गा पूजा से संबंधित गाइडलाइन
छोटे पूजा पंडाल या मंडपों में ही दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा.
पूजा पंडाल या मंडप के आस-पास किसी भी प्रकार के सजावट की अनुमति नहीं दी है.
पूजा पंडाल के आसपास किसी प्रकार के फूड स्टॉल लगाने की इजाजत नहीं है.
पूजा पंडाल का निर्माण इस तरह से किया जाए की यह चारों तरफ से घेरा गया हो. दर्शक इसमें प्रवेश नहीं करें इस लिए इसे तीन तरफ से कवर किया गया हो.
भक्त पंडाल के बाहर लगे बैरिकेड के पास से ही माता के दर्शन कर सकेंगे.
टेप/ऑडियो/डिजिटल रिकॉर्डिंग का कोई प्रसारण नहीं किया जायेगा.
पंडाल निर्माण करने के लिए किसी भी मार्ग को अवरुद्ध नहीं किया जायेगा. जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो.
पूजा समितियों की ओर से किसी भी प्रकार का सामुदायिक भोज/प्रसाद या भोग वितरण समारोह आयोजित नहीं किया जायेगा. लेकिन, प्रसाद की होम डिलिवरी की जा सकती है.
पंडाल/मंडप के उद्घाटन के लिए कोई समारोह/कार्यक्रम नहीं होगा.
पूजा समितियों द्वारा किसी भी तरह से आमंत्रण जारी नहीं किया जायेगा.
पंडाल में एक समय में 25 से अधिक व्यक्ति मौजूद नहीं होने चाहिए.
सभी पूजा समितियां सुनिश्चित करेंगी कि उनके के सदस्यों/पुजारियों/स्वयंसेवकों ने कोरोना रोधी टीके का कम से कम एक डोज आवश्यक रूप से लगवा लिया लिया हो.
पंडाल/मंडप में 18 वर्ष से नीचे के उम्रवालों को प्रवेश नहीं मिलेगा.
विसर्जन जुलूस नहीं होगा, विसर्जन प्रशासन द्वारा चिह्नित जगहों पर होगा.
रावण दहन का कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नहीं होगा.
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