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इजरायल के खास समारोह में भारतीय पायलट को मशाल जलाने का न्योता
दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। दोनों को समारोह में पारंपरिक मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह निमंत्रण फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान गंभीर संकट का सामना करते हुए यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट के साहस के सम्मान में दिया गया है।
नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बातचीत
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा की। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण के लिए नेतन्याहू का धन्यवाद किया। दोनों नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय पायलट हैं, जो फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान के दौरान गंभीर हमले का सामना करने के बाद चर्चा में आए थे। रिपोर्टों के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के कॉकपिट में कथित हमले के दौरान कैप्टन मच्छार ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे अन्य लोग हस्तक्षेप कर सके। इस घटना में वह घायल हुए थे और संयुक्त अरब अमीरात में उनका उपचार चल रहा था। इजरायली प्रधानमंत्री ने उनके साहस की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मान देने की इच्छा जताई थी।
भारतीय पायलट के साहस का विशेष सम्मान
इजरायल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मशाल प्रज्वलित करने की परंपरा विशेष महत्व रखती है। आमतौर पर इसके लिए इजरायली नागरिकों का चयन किया जाता है। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को इस समारोह के लिए आमंत्रित कर उनके साहस और यात्रियों की सुरक्षा में निभाई गई भूमिका को सम्मानित करने की इच्छा जताई है। हालांकि, मशाल प्रज्वलित करने वाले व्यक्तियों का अंतिम चयन निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है। इसलिए निमंत्रण को अंतिम आधिकारिक चयन नहीं माना जाना चाहिए।
भारत-इजरायल संबंधों पर भी चर्चा
दोनों प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया के हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। इस बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर भी सहमति जताई गई।
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