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मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट डील इजरायली कंपनी IAI को मिलने की संभावना

SHIDDHANT
27 Oct 2025 9:45 PM IST
मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट डील इजरायली कंपनी IAI को मिलने की संभावना
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Delhi दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) जल्द ही अपनी वायु क्षमता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, ₹8,000 करोड़ मूल्य की मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट डील इजरायल की एक प्रमुख रक्षा कंपनी को मिलने की संभावना है। यह सौदा भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक निरंतर ऑपरेशन करने की क्षमता को नई ऊंचाई देगा। सूत्रों के मुताबिक, इजरायली कंपनी IAI (Israel Aerospace Industries) ने इस परियोजना के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर सबसे बेहतर प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के तहत कंपनी भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक ‘फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट’ (FRA) उपलब्ध कराएगी, जिससे फाइटर जेट्स हवा में ही ईंधन भरकर लंबे मिशनों को अंजाम दे सकेंगे।
रक्षा मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का कहना है कि यह डील “मेक इन इंडिया” पहल के तहत भी आगे बढ़ाई जा सकती है, जिसमें इजरायली कंपनी भारत की किसी निजी रक्षा इकाई के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर असेंबली और मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित करेगी। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास सीमित संख्या में मिड-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर हैं, जिनमें अधिकतर पुराने IL-78 मॉडल शामिल हैं। इनकी सर्विसिंग और ऑपरेशनल कॉस्ट अधिक होने के कारण वायुसेना पिछले कुछ वर्षों से नए टैंकरों की खरीद की दिशा में प्रयासरत थी।
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, नई डील पूरी होने के बाद IAF को 24×7 कॉम्बैट ऑपरेशन की क्षमता मिलेगी, जो चीन और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में स्ट्रैटेजिक एडवांटेज प्रदान करेगी। यह सौदा आने वाले कुछ महीनों में औपचारिक रूप से रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मंजूरी के बाद अंतिम रूप ले सकता है। उम्मीद है कि 2026 तक इन रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट्स की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा भारतीय वायुसेना की ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा, जिससे भारत की सामरिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रक्षा सहयोग और भी सशक्त होंगे।
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