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ईरान के तेल से ईरान पर ही दबाव! अमेरिका का नया जियोपॉलिटिकल गेम

SHIDDHANT
19 March 2026 9:28 PM IST
सांकेतिक तस्वीर (AI)
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सांकेतिक तस्वीर (AI) 

G7 स्टॉक के बाद अब US का बड़ा कदम
Delhi दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अमेरिका बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में राहत मिल सकती है। एक इंटरव्यू में बेसेंट ने बताया कि समुद्र में मौजूद करीब 14 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल वैश्विक आपूर्ति में जोड़ा जा सकता है। यह मात्रा लगभग 10 से 14 दिनों की वैश्विक तेल मांग के बराबर है, जिससे बाजार में चल रही कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और कथित अवरोध के कारण पिछले दो हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। ऐसे में अमेरिका का यह कदम बाजार को स्थिर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका फ्यूचर्स मार्केट में हस्तक्षेप नहीं कर रहा, बल्कि सीधे भौतिक आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तेल पहले चीन भेजा जाना था, लेकिन अब इसे वैश्विक बाजार के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा, अमेरिका अपने सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से भी तेल जारी करने पर विचार कर रहा है, ताकि सप्लाई चेन पर दबाव कम किया जा सके। इससे पहले भी रूस से जुड़े तेल पर इसी तरह के कदम उठाए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह योजना लागू होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक कीमतों को प्रभावित करता रहेगा।
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