
x
ईरान के फैसले से वैश्विक व्यापार पर मंडराया खतरा
Delhi दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बंद करने की घोषणा की है। ईरानी सेना ने इस कदम के पीछे अमेरिका द्वारा हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते (एमओयू) के कथित उल्लंघन, दक्षिणी लेबनान से सेना न हटाने और इजरायल की ओर से लगातार संघर्षविराम के उल्लंघन को कारण बताया है।
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि यह केवल पहला कदम है और यदि समझौते के उल्लंघन जारी रहे तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की घोषणा की गई थी। अब ईरान के ताजा फैसले ने उस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance ने कहा है कि उन्हें तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौते के तहत संघर्षविराम जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
इस बीच, अमेरिका-ईरान संघर्षविराम की खबरों के कुछ ही घंटों बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi भी शनिवार को ईरान पहुंचे, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Tagsईरानस्ट्रेट ऑफ होर्मुजहोर्मुज जलडमरूमध्यअमेरिका-ईरान समझौतासीजफायरजेडी वेंसइजरायललेबनानमध्य पूर्व संकटपाकिस्तानमोहसिन नकवीIran NewsStrait of HormuzUS Iran CeasefireMiddle East ConflictIsrael LebanonGlobal NewsTehranWashingtonIranUS-Iran dealceasefireJD VanceIsraelLebanonMiddle East crisisPakistanMohsin Naqvi
Next Story





