भारत

दुनिया मुश्किल दौर में BRICS क्या जवाब देगा ईरानी राष्ट्रपति ने बताया

SHIDDHANT
11 Sept 2026 8:09 PM IST
दुनिया मुश्किल दौर में BRICS क्या जवाब देगा ईरानी राष्ट्रपति ने बताया
x
Delhi दिल्ली। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर में से एक से गुजर रही है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने वैश्विक आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है।
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि इन चुनौतियों का ब्रिक्स किस तरह जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की वास्तविक ताकत केवल उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार में नहीं है। संगठन की असली क्षमता तब सामने आएगी जब सदस्य देशों की आर्थिक ताकत को व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के मजबूत नेटवर्क में बदला जाएगा।
पेजेशकियान ने कहा कि अब संभावित सहयोग की चर्चा से आगे बढ़कर उसे वास्तविक और व्यावहारिक सहयोग में बदलने का समय है। इसके लिए सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ निवेश के नए अवसर तैयार करने और संयुक्त वित्तपोषण की व्यवस्था को विस्तार देने की जरूरत है।
उनके मुताबिक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक सहयोग की अहमियत और बढ़ गई है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं देशों की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में ब्रिक्स जैसे मंच सदस्य देशों को आपसी सहयोग के जरिए चुनौतियों से निपटने का अवसर दे सकते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति के संबोधन का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि ब्रिक्स को केवल आर्थिक क्षमताओं वाले देशों के समूह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे ऐसे प्रभावी सहयोग मंच के रूप में विकसित करना चाहिए जहां व्यापार, निवेश और वित्तीय साझेदारी जमीन पर दिखाई दे।
पेजेशकियान ने संकेत दिया कि सदस्य देशों की क्षमताओं को आपस में जोड़कर ब्रिक्स वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक मजबूत सहयोगी व्यवस्था तैयार कर सकता है। इसके लिए सदस्य देशों को संभावनाओं को ठोस परियोजनाओं और आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
Next Story