भारत
Iran-Israel War: चीन ने ‘रेड क्रेसेंट’ को 2 लाख डॉलर की मदद का ऐलान
Shantanu Roy
13 March 2026 1:49 PM IST

x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का आज 14वां दिन है और दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार तेज हो रहे हैं। इस जंग में लगातार बढ़ते तनाव और नागरिकों की मौत ने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पद संभालने के बाद पहला सार्वजनिक बयान जारी किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद नहीं किए गए, तो उनके खिलाफ हमले जारी रहेंगे। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
चीन की इंसानी मदद, ‘रेड क्रेसेंट’ को 2 लाख डॉलर
इस जंग के बीच चीन ने ईरान की मदद के लिए कदम बढ़ाया है। चीनी ‘रेड क्रॉस सोसाइटी’ ने ईरान के ‘रेड क्रेसेंट’ को 2 लाख डॉलर की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मदद इंसानियत के नाते दी जा रही है। इसका उद्देश्य ईरानी नागरिकों को उनकी मुश्किलों और चुनौतियों से निकालना है। चीन ने स्पष्ट किया कि एक मित्र देश होने के नाते वह ईरान की हर संभव जरूरत के लिए तैयार है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय सहयोग के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि युद्धग्रस्त क्षेत्र में राहत और सहायता पहुंचाई जा सके।
तेहरान में बमबारी और नुकसान
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित करज शहर में गुरुवार को कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। धमाकों के साथ आसमान में फाइटर जेट्स की आवाजें भी लगातार सुनाई दी गईं। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने तेहरान-कोम हाईवे पर स्थित रेड क्रिसेंट स्टेशन को एयरस्ट्राइक का निशाना बनाया। इस हमले में बचाव कार्य में जुटे तीन राहतकर्मी घायल हो गए। रेड क्रेसेंट के एक आपातकालीन कर्मचारी ने पुष्टि की कि स्ट्राइक सीधे उनके स्टेशन को निशाना बनाकर की गई थी, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ।
ईरानी मिसाइलें और इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने जानकारी दी है कि ईरान की ओर से इजरायल की सीमा के भीतर कई मिसाइलें दागी गई हैं। इसके जवाब में इजरायल ने हवाई हमले और गश्त जारी रखी हुई है। इजरायली एम्बुलेंस सेवा (MDA) ने जर्जीर शहर में हुए ईरानी मिसाइल हमले के बाद घायलों का नया आंकड़ा जारी किया। इसमें बताया गया कि इस हमले में कांच के टुकड़ों की चपेट में आने से 57 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसे छर्रों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जर्जीर के उत्तरी अरब शहर में इस हमले से घरों और कारों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
नागरिकों पर असर और राहत कार्य
मिडिल ईस्ट में लगातार हो रहे हमलों का सबसे बड़ा असर वहां के नागरिकों पर पड़ा है। बमबारी और मिसाइल हमलों से घरों, अस्पतालों और सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। राहत कार्य में रेड क्रेसेंट की टीमें लगी हुई हैं, लेकिन लगातार हमलों के कारण राहत कार्य धीमा पड़ा है। चीन की आर्थिक मदद से रेड क्रेसेंट ईरान में राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकेगा। इसमें खाने-पीने की चीजें, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं और घायल नागरिकों के लिए मेडिकल सहायता शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और कूटनीतिक पहल
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाला है। संयुक्त राष्ट्र और कई देश लगातार शांति और तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। भारत और चीन जैसी प्रमुख शक्तियां भी मानवीय और कूटनीतिक मदद के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बातचीत में क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात की चिंता जताई कि नागरिकों की जान और संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचे।
Tagsईरानइजरायलअमेरिकामध्य-पूर्व संघर्षमोजतबा खामेनेईनरेंद्र मोदीमसूद पेजेश्कियानरेड क्रेसेंटचीनरेड क्रॉस सोसाइटी2 लाख डॉलरमददतेहरानकरज शहरएयरस्ट्राइकमिसाइल हमलाघायलनागरिकराहत कार्यसिविल इन्फ्रास्ट्रक्चरहमलेजर्जीरअस्पतालछर्रेफाइटर जेटतनावशांतिकूटनीतिमानवतावैश्विक सुरक्षाIranIsraelAmericaMiddle East conflictMojtaba KhameneiNarendra ModiMasoud PezeshkianRed CrescentChinaRed Cross Society$200000aidTehranKaraj cityairstrikemissile attackinjuredciviliansrelief workcivil infrastructureattacksZarzirhospitalshrapnelfighter jettensionpeacediplomacyhumanityglobal security
Next Story





