
x
Bangal बंगाल। सल्बोनी जमीन घोटाला मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। कथित धोखाधड़ी के जरिए गई सरकारी जमीन की पहचान और उसे वापस लेने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (CID) की टीम सोमवार दोपहर भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के साथ सल्बोनी पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शुरू की।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य उन सरकारी जमीनों की पहचान करना है, जिनके रिकॉर्ड में कथित रूप से अनियमितता या धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद नियमों के अनुसार ऐसी जमीनों को वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।
CID अधिकारियों ने भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व रिकॉर्ड और संबंधित जानकारियों की जांच शुरू की है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों में सरकारी जमीन निजी नामों पर दर्ज हुई या उसके हस्तांतरण में कोई गड़बड़ी हुई।
अधिकारियों के अनुसार, जांच प्रक्रिया में राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के पुराने दस्तावेज और मौके की स्थिति का मिलान किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सल्बोनी जमीन मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज रही है। राज्य सरकार ने कथित जमीन घोटाले से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
CID की टीम और भूमि विभाग के अधिकारियों के दौरे के बाद अब मामले में आगे की जांच और तेज होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जमीन से जुड़े पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सरकारी जमीन की पहचान और रिकवरी की प्रक्रिया के तहत प्रशासन अब रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ संबंधित पक्षों से भी जानकारी जुटा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Next Story





