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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: केवल महिलाओं के लिए हैं ये सरकारी योजनाएं, मिलता है 8.2 प्रतिशत तक का ब्याज
jantaserishta.com
8 March 2026 12:57 PM IST

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से महिलाओं के लिए कई खास योजनाएं चलाई जाती हैं, जिससे समाज में उनकी भागीदारी बढ़े। साथ ही, उन्हें आर्थिक विकास में अधिक योगदान देने का मौका मिले। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम उन सरकारी योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका फायदा सिर्फ महिलाओं या बालिकाओं को मिलता है।
सुकन्या समृद्धि योजना को केंद्र द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मिशन' के तहत 2015 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य केवल पैसे जमा करना नहीं था, बल्कि परिवारों को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए समय रहते योजना बनाने के लिए प्रेरित करना था। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 8.2 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है, जो कि सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं में सबसे अधिक है।
यह योजना खास तौर पर बेटियों की पढ़ाई और शादी के खर्च में मदद के लिए बनाई गई है। इसके जरिए लड़कियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिलता है, जो महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।
बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं। यह खाता लड़की के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है। हर बेटी के लिए केवल एक खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो खाते खोले जा सकते हैं, हालांकि जुड़वां या तीन बच्चों के मामले में छूट मिलती है। यह खाता पूरे भारत में ट्रांसफर किया जा सकता है। 18 साल की उम्र तक खाता अभिभावक चलाते हैं, इसके बाद बेटी खुद इसे संचालित कर सकती है।
सुकन्या खाता खोलने के लिए खाता खोलने का फॉर्म, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फॉर्म 60 की जरूरत होती है। महिला सम्मान बचत पत्र योजना केवल महिलाओं के लिए शुरू की गई एक खास बचत योजना है। इसमें महिलाएं अधिकतम 2 लाख रुपए तक निवेश कर सकती हैं और इस पर लगभग 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है। यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, जिसमें दो साल की अवधि के बाद पैसा और ब्याज दोनों मिल जाते हैं। इस योजना का मकसद महिलाओं को बचत के लिए प्रोत्साहित करना है।
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है, जिससे वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है। इससे महिलाओं को लकड़ी या कोयले के चूल्हे के धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। साथ ही, इससे उनका समय और मेहनत भी बचती है। अब तक इस योजना के तहत 10 करोड़ से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं।
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