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Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे सघन स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब तक 1 लाख 12 हजार मरीजों की समय पर पहचान की गई है। यह जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गुरुवार को गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में दी। इस अवसर पर टीबी उन्मूलन अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जोश (जॉइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ) टीम का शुभारंभ किया गया।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि पहले जहां 25 से 30 हजार टीबी मरीजों की पहचान हो पाती थी, वहीं व्यापक स्क्रीनिंग अभियान के कारण अब अधिक मरीजों की समय पर पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से छह महीने तक दवा लेने, पौष्टिक आहार और निक्षय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली से जोश टीम का राष्ट्रव्यापी स्तर पर वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत माय भारत के स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट्स ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित टीमों के माध्यम से घर-घर स्क्रीनिंग और जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करेंगे।
डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रदेश में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, फैटी लिवर और सिकल सेल एनीमिया की जांच के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार निःशुल्क जांच और दवाएं उपलब्ध करा रही है। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, तीन निक्षय मित्रों और पांच स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित रहे।
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