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प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर नाराज हुए इंस्पेक्टर, सोशल मीडिया में वायरल हुआ पत्र

Admin2
21 July 2021 3:17 PM GMT
प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर नाराज हुए इंस्पेक्टर, सोशल मीडिया में वायरल हुआ पत्र
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फाइल फोटो 

पदोन्नति प्रक्रिया

उत्तराखंड। पुलिस मुख्यालय द्वारा डिप्टी एसपी के लिए पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किए जाने के साथ ही नागरिक पुलिस के इंस्पेक्टर नाराज हो गए हैं। उन्होंने पदोन्नति प्रक्रिया में 2002 बैच के एसआई से पदोन्नत इंटेलीजेंस सेवा के इंस्पेक्टरों को शामिल किए जाने पर एतराज जताया है। पुलिस मुख्यालय ने डिप्टी एसपी के सात पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है। इसको लेकर सिविल पुलिस और इंटेलीजेंस सेवा के बीच खींचतान शुरू हो गई है। सिविल पुलिस के इंस्पेक्टरों ने पदोन्नति प्रक्रिया में 2002 बैच के एसआई (इंटेलीजेंस) से दोन्नत हुए इंस्पेक्टरों को शामिल करने पर आपत्ति व्यक्त की है।

सिविल पुलिस के इंस्पेक्टरों का कहना है कि एक ही संवर्ग होने के बावजूद पुलिस मुख्यालय ने 2014 में नियम विरुद्ध इंटेलीजेंस के एसआई को पदोन्नति प्रदान कर दी। जबकि सिविल पुलिस में 1989-90, 97-98 और 2000-02 के एसआई को अर्ह होने के बावजूद पदोन्नति प्रदान नहीं की गई। इस तरह चयन वर्ष, पीटीसी मैरिट, चयन परीक्षा में वरिष्ठ होने के बावजूद सिविल पुलिस के एसआई वरिष्ठता में पिछड़ गए। जबकि अन्य सभी विभागों में फीडर कैडर की वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रदान की जाती है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र में कहा गया है कि इस विंसगति को दूर करने के लिए अप्रैल 2020 में पुलिस मुख्यालय को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। यही स्थिति यही रही तो नागरिक पुलिस के एसआई अगले 15 से 20 साल तक इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी नहीं बन पाएंगे। इस तरह वो एक ही पद से रिटायर हो जाएंगे। इससे कार्मिकों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।

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