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प्रवासी बच्ची से अमानवीय व्यवहार, पूर्व सैनिक को पुलिस ने किया डिटेन

Shantanu Roy
7 April 2026 3:40 PM IST
प्रवासी बच्ची से अमानवीय व्यवहार, पूर्व सैनिक को पुलिस ने किया डिटेन
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Una. ऊना। बहडाला क्षेत्र में चार साल की प्रवासी बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी सेवानिवृत्त सैनिक को डिटेन कर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस ने सुरक्षा और कानून के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। जानकारी के अनुसार, घटना गत रविवार को हुई थी। बहडाला में चार साल की बच्ची पेड़ से अमरुद तोड़ रही थी। इसी दौरान तैश में आकर पूर्व सैनिक ने बच्ची को पकड़ लिया और सीढ़ियों के साथ बांधकर उसे पीटना शुरू कर दिया। आरोपी का यह क्रूर व्यवहार किसी ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने लोगों का ध्यान खींचा और जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण अधिकारी कमलजीत सिंह सहित पुलिस की विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की और उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। कमेटी के सदस्यों ने बच्ची से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच की। एसपी ऊना सचिन हिरेमथ ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूरी घटनाक्रम की जांच की जा रही है और मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों को कानूनी दायरे में लाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार साल की बच्ची को आरोपी ने पकड़कर बांधा और उसे मारपीट का शिकार बनाया। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की और दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की अहमियत को उजागर किया है। जिला प्रशासन और पुलिस टीम लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी के खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, बच्ची को मानसिक और शारीरिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एसपी सचिन हिरेमथ ने कहा कि ऊना पुलिस और बाल संरक्षण विभाग मिलकर ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और किसी भी हालत में बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार का बाल उत्पीड़न देखा जाए तो तुरंत पुलिस या बाल संरक्षण अधिकारी को सूचित करें। मामले में पुलिस का यह कदम यह स्पष्ट करता है कि ऊना प्रशासन और पुलिस बच्चों के प्रति अमानवीय व्यवहार और हिंसा के खिलाफ सतर्क हैं और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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