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ऊर्जा क्षेत्र
Delhi दिल्ली। देश में बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों में निवेश को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के नए और आगामी फंडों में 30,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। इस फैसले के साथ ही NIIF में भारत सरकार की कुल निवेश प्रतिबद्धता बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त निवेश से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में पूंजी निवेश को नई गति मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि NIIF देश में दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करने और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। सरकार की बढ़ी हुई हिस्सेदारी से घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा, जिससे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी। NIIF की स्थापना भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के वित्तपोषण और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। यह फंड विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सतत विकास को समर्थन देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूती देगा और भारत को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक साबित होगा। साथ ही, इससे राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
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