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उज्बेकिस्तान पहुंचेगा भारत का संदेश, SCO में पीएम मोदी उठाएंगे अहम मुद्दे

jantaserishta.com
29 Aug 2026 12:46 PM IST
उज्बेकिस्तान पहुंचेगा भारत का संदेश, SCO में पीएम मोदी उठाएंगे अहम मुद्दे
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। वह 29-30 अगस्त को ताशकंद में रहेंगे और इसके बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दौरे के दौरान आतंकवाद, सुरक्षा, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग के साथ भारत-मध्य एशिया संबंधों को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
उज्बेकिस्तान के लिए रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मध्य एशिया के दौरे के लिए उज्बेकिस्तान रवाना हुए। अपने इस दौरे के पहले चरण में वह 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे, जहां 30 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले जारी अपने बयान में कहा कि वह SCO के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसे क्षेत्र के निर्माण की दिशा में काम करने को उत्सुक हैं, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों से मुक्त हो।
उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां केवल भारत के आसपास के क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख होगा प्रमुख मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में आतंकवाद के मुद्दे को खास महत्व दिया। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर आधारित क्षेत्र के लिए अपनी सोच को आगे बढ़ाएगा। इसके साथ ही वह SCO के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2017 से SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। ऐसे में संगठन के मंच पर भारत अपनी प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े दृष्टिकोण को मजबूती से रखेगा।
दौरे के दौरान आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए इन चुनौतियों का सामना मिलकर करना जरूरी है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मजबूत करने पर जोर
उज्बेकिस्तान की यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के लिए दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अपनी यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
इनमें व्यापार और निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश ‘विकसित भारत’ और ‘नए उज्बेकिस्तान’ के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
इससे साफ है कि पीएम मोदी की ताशकंद यात्रा केवल कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में भारत से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी दौरा करेंगे। वह शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरियंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये स्थान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से कायम सांस्कृतिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव के प्रतीक हैं।
इस दौरे के जरिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी महत्व दिया जाएगा।
बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे PM मोदी
ताशकंद की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे। वहां वह 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब इस संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव और SCO के दूसरे नेताओं से मुलाकात के लिए उत्सुक हैं। वह छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। इस आयोजन को मध्य एशिया की समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा जाता है।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। इस दौरान वह सुरक्षा, संपर्क और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को सामने रख सकते हैं।
SCO नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी
SCO शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी संगठन के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों के जरिए भारत के दूसरे देशों के साथ संबंधों को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत के लिए मध्य एशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिहाज से अहम है। एक तरफ उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा, वहीं दूसरी ओर SCO के मंच पर भारत सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े अपने मुद्दे रखेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा से पहले कहा कि उनका यह दौरा शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यही वे मूल्य हैं, जो दुनिया के साथ भारत के संबंधों के केंद्र में रहे हैं।
चार दिनों के इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अब सभी की नजर SCO शिखर सम्मेलन में उनके संबोधन और आतंकवाद, सुरक्षा तथा क्षेत्रीय सहयोग को लेकर भारत के रुख पर रहेगी।
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