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ग्लोबल CEO फोरम में दिखी भारत की समुद्री ताकत

SHIDDHANT
29 Oct 2025 10:01 PM IST
ग्लोबल CEO फोरम में दिखी भारत की समुद्री ताकत
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MUMBAI मुंबई। महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में चल रहे इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में बुधवार को देश और विदेश के शीर्ष नेता और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर नजर आए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेता ग्लोबल CEO फोरम के प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटो के लिए एकत्र हुए, जिसने भारत की समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की एक प्रभावशाली झलक पेश की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत “ब्लू इकॉनमी” और “ग्रीन पोर्ट्स” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की समुद्री नीति अब 2047 के विजन से जुड़ी है, जिसमें पर्यावरणीय संतुलन, टिकाऊ ऊर्जा और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।
ग्लोबल CEO फोरम में देश-विदेश के 100 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों और समुद्री विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस मंच पर समुद्री अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स सुधार, जहाज निर्माण और तटीय क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने उपस्थित ग्लोबल CEO को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और कहा कि भारत का “समुद्री क्षेत्र अगले दशक की सबसे बड़ी विकास कहानी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई न केवल भारत की वित्तीय राजधानी है, बल्कि इसे “ब्लू गेटवे ऑफ इंडिया” के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बंदरगाह कनेक्टिविटी और तटीय औद्योगिक कॉरिडोर को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की समुद्री नीति नई ऊँचाइयों को छू रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि रोजगार, कौशल और तकनीकी नवाचार को साथ लेकर आगे बढ़ना है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इंडिया मैरीटाइम वीक सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर समुद्री भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है और कई रणनीतिक साझेदारियाँ तय की जा चुकी हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा आज आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय सोच के साथ पुनर्जीवित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत एक बार फिर वैश्विक समुद्री मानचित्र पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है। कार्यक्रम का समापन ग्लोबल CEO और भारतीय नेतृत्व के साथ ग्रुप फोटो से हुआ, जो भारत की नई समुद्री दृष्टि का प्रतीक बना।
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