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2014 से मजबूत हुई भारत की आर्थिक क्षमता, निर्मला सीतारमण ने गिनाईं बुनियादें

SHIDDHANT
3 Oct 2026 6:38 PM IST
2014 से मजबूत हुई भारत की आर्थिक क्षमता, निर्मला सीतारमण ने गिनाईं बुनियादें
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Delhi दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में भारत की आर्थिक मजबूती और मुश्किल परिस्थितियों से निपटने की क्षमता पर बात की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में ऐसी क्षमताओं को लगातार मजबूत करने पर काम किया गया है, जिन पर टिकाऊ विकास निर्भर करता है। सीतारमण ने कहा कि आर्थिक लचीलापन केवल संकट आने के बाद प्रतिक्रिया देने की क्षमता नहीं है, बल्कि इसके लिए पहले से मजबूत बुनियादी ढांचा और व्यवस्थाएं तैयार करना जरूरी है। उन्होंने राज्य की संकट से निपटने की क्षमता, अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमता और विकास में नागरिकों तथा उद्यमों की भागीदारी को महत्वपूर्ण आधार बताया।
वित्त मंत्री ने लास्ट-माइल डिलीवरी को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उनके अनुसार, सरकारी खर्च और योजनाओं का वास्तविक असर लोगों के जीवन में दिखाई देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी व्यवस्था, निगरानी और योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर लगातार ध्यान दिया गया है।
JAM और DBT का जिक्र
सीतारमण ने जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को ऐसी व्यवस्थाओं के रूप में गिनाया, जिनके जरिए सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की क्षमता मजबूत हुई है। उन्होंने आर्थिक मजबूती के संदर्भ में वित्तीय समावेशन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि परिवारों के स्तर पर मजबूती लाना आर्थिक लचीलेपन की महत्वपूर्ण बुनियाद है। इसके लिए सरकारी योजनाओं को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना जरूरी है।
कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 3 से 5 अक्टूबर तक नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस बार कॉन्क्लेव की थीम ‘Resilience in an Age of Flux’ रखी गई है। इसमें भारत और दुनिया की अर्थव्यवस्था, वैश्विक बदलाव, तकनीक, व्यापार और आर्थिक नीतियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
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