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राहुल गांधी को फिर से पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस ने पारित किया प्रस्ताव

Deepa Sahu
6 Sep 2021 2:50 PM GMT
राहुल गांधी को फिर से पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस ने पारित किया प्रस्ताव
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की पिछले कई दिनों से पार्टी के काम-काजों में काफी सक्रियता देखी जा रही है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की पिछले कई दिनों से पार्टी के काम-काजों में काफी सक्रियता देखी जा रही है. इस बीच सोमवार को भारतीय युवा कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया है. यह प्रस्ताव राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के लिए पारित किया गया है. दरअसल, पिछले कई दिनों से राहुल गांधी को पार्टी का दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर वरिष्ठ नेता मांग कर चुके हैं. हालांकि इस पर पार्टी हाई कमान की ओर से राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने को लेकर अभी तक कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है.

भारतीय युवा कांग्रेस (आईवीसी) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को गोवा के पणजी में शुरू हुई थी. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के संयुक्त सचिव कृष्णा अल्लारु व आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी के नेतृत्व में शुरू हुई थी. इस बैठक में देश भर से युवा कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष ने भाग लिया. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों व प्रदेश अध्यक्षों की ओर से युवा बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का सुझाव दिया गया.बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बनाई गई रणनीति
सूत्रों ने कहा, 'विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों और उससे पहले पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए, इस पर भी चर्चा हुई. भारतीय युवा कांग्रेस के आंतरिक चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई.' पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा से सांसद पी चिदंबरम व गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने भी पार्टी की युवा शाखा की बैठक बुलाई.

बैठक को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना को 'दिन के उजाले में डकैती' बताया और युवा नेताओं से आम लोगों को योजना से जुड़े मुद्दों से अवगत कराने को कहा. उन्होंने कहा, 'पिछले 70 वर्षों में देश की सरकारों ने जो कुछ भी बनाया है, वह कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में दिया जा रहा है. लोगों को इस खतरे से अवगत होना चाहिए और इसका विरोध करना चाहिए.' कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि नीति की घोषणा करने से पहले विपक्ष के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया था. चिदंबरम ने कहा, 'संसद में कोई बहस नहीं हुई. सरकार कभी भी इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देगी.


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