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भारतीय सेना का नया हथियार गरुड़ास्त्र, सफल परीक्षण

Saba Naaz
17 Jun 2026 8:04 PM IST
भारतीय सेना का नया हथियार गरुड़ास्त्र, सफल परीक्षण
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Bharat:भारतीय रक्षा क्षेत्र ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नाइबे लिमिटेड (Nibe Limited) ने अपने आधुनिक लॉन्ग-रेंज 120mm व्हीकल माउंटेड मोर्टार सिस्टम ‘गरुड़ास्त्र’ का सफल प्रदर्शन किया है। यह परीक्षण मध्य प्रदेश के इन्फैंट्री स्कूल, महू में ‘नो कॉस्ट-नो कमिटमेंट’ (NC-NC) मॉडल के तहत आयोजित किया गया।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

इस सफल परीक्षण के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने अपनी मारक क्षमता, सटीकता और आधुनिक तकनीक का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह प्रणाली भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के अनुरूप विकसित की गई है। कंपनी ने इसे एक विदेशी OEM के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत तैयार किया है, जिससे भारतीय सेना की भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम सिस्टम

‘गरुड़ास्त्र’ एक 120mm लॉन्ग-रेंज मोर्टार सिस्टम है, जो दुश्मन के ठिकानों को लंबी दूरी से निशाना बनाने में सक्षम है। यह वाहन पर आधारित प्रणाली है, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा सकता है। इसकी गतिशीलता इसे दुर्गम क्षेत्रों में भी प्रभावी बनाती है।

तेजी से हमला और तुरंत मूवमेंट की क्षमता

इस सिस्टम की खासियत ‘Shoot-and-Scoot’ तकनीक है, जिसके तहत यह तेजी से गोले दागने के बाद तुरंत अपनी जगह बदल सकता है। इससे दुश्मन को जवाबी कार्रवाई का मौका नहीं मिलता और सैनिकों की सुरक्षा बढ़ती है। इसके अलावा इसकी हाई-रेट ऑफ फायर क्षमता इसे और अधिक प्रभावी बनाती है।

एक साथ कई गोले गिराने की क्षमता

‘गरुड़ास्त्र’ की सबसे घातक विशेषता इसकी MRSI (Multiple Rounds Simultaneous Impact) तकनीक है। इसके तहत अलग-अलग कोणों से दागे गए कई गोले एक ही समय में लक्ष्य पर गिरते हैं, जिससे दुश्मन को संभलने का कोई मौका नहीं मिलता।

सटीक निशाने की आधुनिक तकनीक

यह मोर्टार GPS और लेजर गाइडेड सिस्टम से लैस है, जिससे यह बेहद सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। इससे न केवल लक्ष्य पर प्रभावी हमला होता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में नुकसान भी कम होता है।

रक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धि

‘गरुड़ास्त्र’ का सफल प्रदर्शन भारतीय रक्षा तकनीक के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह प्रणाली आने वाले समय में भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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