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Delhi दिल्ली। नई दिल्ली में तीसरे भारत-नॉर्वे ट्रेड और इन्वेस्टमेंट डायलॉग में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इस बैठक में आर्थिक परिदृश्य, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के अवसरों की समीक्षा के साथ-साथ ऊर्जा, समुद्री उद्योग और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया, ''ट्रेड और इन्वेस्टमेंट पर तीसरे इंडिया-नॉर्वे डायलॉग की सह-अध्यक्षता नीना रोर और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव आईएफएस मोहित यादव ने की। इस सेशन में इकोनॉमिक आउटलुक, बाइलेटरल ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के मौकों और हमारे कमिटमेंट की समीक्षा की गई।'' उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा, समुद्री उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग पर चर्चा करने और जानकारी साझा करने के लिए तथा नॉर्वे-भारत व्यापार और निवेश को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
आईएफएस मोहित यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया, ''नई दिल्ली में नीना क्रिस्टीन रोर के साथ सह-अध्यक्षता में तीसरे इंडिया-नॉर्वे डायलॉग ट्रेड और इन्वेस्टमेंट में बेहतरीन चर्चाएं हुईं। इंडिया ईएफटीए टीईपीए की नींव पर आगे बढ़ते हुए, हमने ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री क्षेत्र, फार्मा, एमएसएमई और कौशल विकास में मजबूत सहयोग पर चर्चा की। हम गहरे व्यापार, निवेश और साझा समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
मिडिल ईस्ट तनाव के हालातों के चलते भारत का यह बड़ा कदम है। भारत वैश्विक संकट के समय तमाम देशों के साथ अपने संबंध बेहतर कर रहा है। वैश्विक संकट के लंबे संघर्ष के बाद इजरायल-लेबनान सीजफायर के दौरान अब ईरान ने भी बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट खुलने से अब सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। ईरान के इस फैसले से विश्व व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान के इस फैसले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सराहना की। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद किया।
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