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भारत ने सबको ऑनलाइन वीडियो देखने में छोड़ा पीछे... एप डाउनलोड करने में दूसरा स्थान
Deepa Sahu
27 March 2021 12:10 AM IST

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एप डाउनलोड करने में दूसरा स्थान
जनता से रिश्ता वेबडेस्क: नई दिल्ली। पिछले साल ऑनलाइन वीडियो देखने में भारत ने सबको पीछे छोड़ दिया। एप डाउनलोड करने में भारत सिर्फ चीन से पीछे है। वहीं, मोबाइल फोन पर समय बिताने में भी 2020 में भारत के लोग चीन, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया से आगे निकल गए। इस तेजी को देखते हुए टीवी व प्रिंट के मुकाबले डिजिटल मीडिया की बढ़ोतरी दर दोगुनी रहने का अनुमान है। ईवाई व फिक्की की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रति सप्ताह औसतन 10.9 घंटे ऑनलाइन वीडियो देखते हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया है जहां प्रति सप्ताह औसतन 9.5 घंटे ऑनलाइन वीडियो देखा जाता है। अमेरिका में यह औसत 9.3 घंटे का है। 2019 में यानी कोरोना काल से पहले भारतीय प्रति सप्ताह औसतन 8.4 घंटे ऑनलाइन वीडियो देखते थे। ऑनलाइन वीडियो देखने वालों की संख्या भी भारत में बढ़ रही है। 2018 में 34.9 करोड़ लोग ऑनलाइन वीडियो देखते थे। यह संख्या 2019 और 2020 में बढ़कर क्रमश: 40.6 व 46.8 करोड़ हो गई।
भारत में 2020 में एप डाउनलोड की संख्या रही 24.3 अरब
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2020 में एप डाउनलोड की संख्या 24.3 अरब रही। इस मामले में पहले स्थान पर रहे चीन में 96.2 अरब एप डाउनलोड हुए। एप डाउनलोड में अमेरिका तीसरे स्थान पर (13.4 अरब) और ब्राजील चौथे स्थान पर (10.2 अरब) रहा। 2019 के मुकाबले भारत में एप डाउनलोडिंग 20 फीसद बढ़ी। भारत में सबसे अधिक गेम से जुड़े एप डाउनलोड किए गए। गेम से जुड़े एप 9.2 अरब बार डाउनलोड किए गए। 1.3 अरब बार मनोरंजन से जुड़े एप, 65.4 करोड़ बार संगीत से जुड़े एप और 30.5 करोड़ बार समाचार से जुड़े एप डाउनलोड किए गए।
2020 में हर दिन मोबाइल फोन पर समय बिताने का भारतीयों का औसत 4.6 घंटे रहा। इस मामले में सिर्फ इंडोनेशिया और ब्राजील भारत से आगे हैं। भारत ने दक्षिण कोरिया व चीन को इस मामले में पीछे जोड़ दिया है। ईवाई के अनुमान के मुताबिक, अगले दो साल में डिजिटल मीडिया की सालाना बढ़ोतरी दर 22 फीसद रह सकती है। प्रिंट के लिए यह बढ़ोतरी दर 11 फीसद और टेलीविजन के लिए सात फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है। 2020 में डिजिटल मीडिया का कारोबार 235 अरब रुपये का था जो 2023 में बढ़कर 425 अरब रुपये का हो जाएगा।
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