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आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत-इटली ने बढ़ाया सहयोग

SHIDDHANT
7 Oct 2026 8:40 PM IST
आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत-इटली ने बढ़ाया सहयोग
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Delhi दिल्ली। भारत और इटली के बीच आतंकवाद, संगठित अपराध और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने को लेकर सहयोग और मजबूत करने की दिशा में 6 और 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इस दौरान भारत-इटली जॉइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम की छठी बैठक और काउंटरिंग फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म पर भारत-इटली परमानेंट टास्क फोर्स की दूसरी बैठक हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने आतंकवाद के बदलते स्वरूप, सीमा-पार आतंकी नेटवर्क, संगठित अपराध और आतंकवाद के लिए धन जुटाने वाले तंत्र से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा सहयोग को और प्रभावी बनाना रहा।
भारत और इटली के बीच काउंटर टेररिज्म सहयोग पहले से स्थापित व्यवस्था के तहत चल रहा है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, जॉइंट वर्किंग ग्रुप की पांचवीं बैठक 15-16 जनवरी 2025 को रोम में हुई थी और इसके बाद अगली बैठक 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित थी। दोनों देशों ने नवंबर 2025 में आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ एक संयुक्त पहल की भी घोषणा की थी। इसी पहल के तहत परमानेंट टास्क फोर्स की पहली बैठक 27 अप्रैल 2026 को रोम में आयोजित हुई थी। अब नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक के जरिए इस तंत्र को आगे बढ़ाया गया है।
बैठकों में आतंकवाद से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, अवैध धन हस्तांतरण, संगठित अपराध और अन्य माध्यमों से आतंकी गतिविधियों को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकने के उपायों पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार संवाद और संयुक्त कार्रवाई जरूरी है।
भारत और इटली के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग का ढांचा नया नहीं है। दोनों देशों ने फरवरी 2007 में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और ट्रांसनेशनल क्राइम से निपटने के लिए जॉइंट वर्किंग ग्रुप स्थापित करने संबंधी समझौता किया था। इसमें भारत की ओर से विदेश मंत्रालय और इटली की ओर से विदेश मंत्रालय को नोडल एजेंसी बनाया गया था। नई दिल्ली की बैठकों के साथ दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और आतंकवाद के वित्तपोषण समेत नई उभरती चुनौतियों पर मिलकर काम जारी रखने का संकेत दिया है।
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