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इंडिया गेट, Delhi में बढ़ी ठंड और प्रदूषण की मार

SHIDDHANT
5 Dec 2025 12:36 AM IST
इंडिया गेट, Delhi में बढ़ी ठंड और प्रदूषण की मार
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हल्की धुंध की परत देखी गई
Delhi दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सर्दी के साथ प्रदूषण का प्रभाव एक बार फिर साफ दिखने लगा है। सोमवार सुबह इंडिया गेट के आसपास हवा में हल्की धुंध की परत देखी गई, जिसके कारण दृश्यता में हल्की कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यह धुंध सर्द हवाओं, बढ़ते प्रदूषण स्तर और नमी के मिश्रण के कारण बनी है। सुबह-सुबह इंडिया गेट के पास टहलने वाले लोग और राहगीर इस धुंध को महसूस कर सकते थे। हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) का स्तर सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘खराब’ श्रेणी की ओर बढ़ रही है।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों में तापमान में गिरावट आई है, जिसके चलते निम्न स्तरीय हवाएं चल रही हैं। ये हवाएं प्रदूषकों को जमीन के नजदीक रोक देती हैं, जिससे धुंध की परत बन जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध और स्मॉग की यह समस्या आने वाले हफ्तों में और बढ़ सकती है, क्योंकि दिसंबर-जनवरी में तापमान और नीचे जाता है। इंडिया गेट क्षेत्र में सुबह की दृश्यता लगभग 800 से 1000 मीटर के बीच रही। हालांकि उड़ानों और यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा, लेकिन वाहन चालकों को हल्की सतर्कता के साथ गाड़ी चलानी पड़ी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी सलाह जारी की है कि सुबह और देर रात यात्रा के दौरान लोग लो-बीम हेडलाइट्स का इस्तेमाल करें और गति सीमित रखें।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-3 चरण पहले से लागू है, जिसके तहत निर्माण कार्य, डीजल जनरेटर और औद्योगिक गतिविधियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की गुणवत्ता और खराब होती है, तो GRAP-4 भी लागू किया जा सकता है, जिसमें और कड़े कदम शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदूषण के कारण सुबह टहलना और खुले में व्यायाम करना मुश्किल हो रहा है। कई स्कूलों ने छोटे बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि धुंध और स्मॉग का प्रभाव दमघोंटू हो सकता है और इससे दमा, एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ सकती हैं।

राजधानी में हर साल सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होती है। यह मुख्य रूप से वाहनों का धुआं, औद्योगिक प्रदूषण और पराली जलाने जैसी गतिविधियों के कारण होता है। सरकार ने दावा किया है कि इस बार प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन जमीन पर इसका असर सीमित दिख रहा है। कुल मिलाकर, दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत धुंध और प्रदूषण की दोहरी चुनौती के साथ हुई है। विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें।
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