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Delhi दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (HQ IDS) के अनुसार, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) ने फ्रांस एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने रक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर
बैठक में भारत और फ्रांस के बीच मौजूदा रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की। भारत और फ्रांस लंबे समय से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग जारी है। इस बैठक को इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इंटेलिजेंस शेयरिंग और ट्रेनिंग पर चर्चा
HQ IDS के अनुसार, बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों की सेनाएं समय-समय पर संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं। ऐसे प्रयासों का उद्देश्य सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना और आपसी तालमेल बढ़ाना है। बैठक में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए बेहतर समन्वय और अनुभव साझा करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमता निर्माण पर फोकस
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग और क्षमता निर्माण रहा। आधुनिक युद्ध और सुरक्षा व्यवस्था में स्पेस टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
भारत और फ्रांस दोनों ही अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को विकसित कर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच स्पेस डोमेन में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इसमें तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और भविष्य की जरूरतों के अनुसार क्षमताओं के विकास जैसे विषय शामिल रहे।
रक्षा उद्योग सहयोग बढ़ाने पर मंथन
बैठक में रक्षा औद्योगिक सहयोग के विस्तार पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर विचार किया।
भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए घरेलू उत्पादन और विदेशी साझेदारियों पर जोर दे रहा है। वहीं, फ्रांस के साथ भारत की रक्षा साझेदारी में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का महत्व
भारत और फ्रांस के संबंधों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ के बीच हुई यह बैठक दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
बैठक में रक्षा सहयोग के साथ-साथ प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता और भविष्य की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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